बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी के नेता मोतीउर रहमान निजामी को दी गई फांसी की कड़ी निंदा करने के बाद तुर्की ने बांग्लादेश से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है. तुर्की की सरकारी न्यूज़ एजेंसी अनातोलिया के मुताबिक इस फांसी के बाद बांग्लादेश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर विचार-विमर्श करने और इस घटना पर अपना रुख तय करने के लिए तुर्की सरकार ने यह निर्णय लिया है. माना जाता है कि इस्लामी मान्यताओं को तरजीह देने वाली राष्ट्रपति एर्दोगान की पार्टी जब से तुर्की की सत्ता में आई है तब से तुर्की मुस्लिम देशों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए इन देशों में होने वाली घटनाओं को खासा तवज्जो देने लगा है.

इससे पहले बुधवार को निजामी की फांसी की निंदा करते हुए तुर्की के विदेशमंत्री ने कहा था कि निजामी जैसे नेता को फांसी देना गलत और अविश्वसनीय है. उनका कहना था, 'फांसी की सजा देना सही नहीं है और हमें डर है कि इस फांसी से हमारे बांग्लादेशी भाइयों के बीच नफरत और द्वेष की भावना न पैदा हो जाए.' बता दें कि जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख मोतीउर रहमान निजामी ऐसे पांचवे नेता हैं, जिन्हें 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों का दोषी मानते हुए फांसी पर लटकाया गया है.

चीन में भारी बारिश से 66 लोगों की मौत, 46 लाख लोग प्रभावित

चीन में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण कम से कम 66 लोगों की मौत हो गई है और 11 अन्य लापता हैं. चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने बारिश में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि बारिश से देश के 46.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और इनमें से 95,000 को दूसरी जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. मंत्रालय के अनुसार बारिश में 5,200 घरों के पूरी तरह से गिरने और 74,000 के क्षतिग्रस्त होने से इस वक्त करीब 68,000 लोगों को बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है. बता दें कि पिछले हफ्ते चोंगकिंग, फुजियान, हुबेई, हुनान और जियांग्शी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई थी. एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक इन क्षेत्रों में हुई फसल की बर्बादी से करीब 82 करोड़ डॉलर का आर्थिक नुकसान होने की भी आशंका है.

पाक में पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भगोड़ा घोषित किए गए

पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने दुबई में इलाज करा रहे पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को भगोड़ा घोषित कर दिया है. राजद्रोह के मुकदमे की सुनवाइयों के दौरान मुशर्रफ के हाजिर न होने की वजह से अदालत ने यह फैसला दिया है. बुधवार को उन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए अंतिम तारीख दी गई थी लेकिन वे नहीं आए. इसके बाद कोर्ट ने परवेज़ मुशर्रफ़ के खिलाफ गैरज़मानती वारंट जारी कर उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया. कोर्ट ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को आदेश दिया है कि वह पूर्व राष्ट्रपति को 30 दिन के अंदर अदालत में पेश करे.

अदालत ने 12 जुलाई को इस मामले की अगली सुनवाई में मुशर्रफ़ के वकील से उनकी संपत्ति का पूर्ण ब्यौरा देने को भी कहा है. बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहते हुए मुशर्रफ ने 2007 में देश का संविधान निलंबित कर दिया था और इस वजह से 2013 से उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला चल रहा है. बीते 18 मार्च को 72 वर्षीय मुशर्रफ़ स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पाकिस्तान से दुबई जा चुके हैं.