केंद्र सरकार अपने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के बचाव में सामने आ गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों को दरकिनार करते हुए कहा है कि सरकार अपने मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ खड़ी है. दरअसल, सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार से अरविंद सुब्रमण्यम को हटाने की मांग करते हुए उन पर कई आरोप लगाए थे.

स्वामी का कहना था कि अरविंद कांग्रेस और अमेरिका के हितैषी हैं. उनके मुताबिक, अरविंद ने ही जीएसटी पर कांग्रेस को अपनी धाराओं पर अड़े रहने के लिए उत्साहित किया था और उन्होंने ही अमेरिका में काम करते हुए 2013 में वहां की दवा कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए अमेरिका को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह दी थी. स्वामी ने अरविंद की आलोचना करते हुए यह तक कह दिया था कि किसी को पता नहीं कि सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार भारत के नागरिक भी हैं या नहीं.

इस मामले पर बढ़ रहे विवाद को देखते हुए बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर अरविंद सुब्रमण्यम का बचाव किया. उन्होंने कहा, 'सरकार को अपने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पर पूरा भरोसा है और वे सरकार को समय-समय पर महत्वपूर्ण सलाह देते रहे हैं. उनके बारे में सुब्रहमण्यम स्वामी की राय से सरकार इत्तेफ़ाक़ नहीं रखती है.' साथ ही जेटली ने स्वामी को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को अनुशासन याद रखना चाहिए.

इससे पहले सुब्रहमण्यम स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की लगातार आलोचना की थी जिसके बाद राजन ने आरबीआई गवर्नर के पद पर आगे न बने रहने का फ़ैसला किया था.

बसपा के महासचिव और राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा छोड़ी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं. बुधवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. मौर्य ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा की. इस दौरान उन्होंने बसपा प्रमुख मायवती पर कई गंभीर आरोप लगाए. मौर्य का कहना था कि मायावती आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टिकटों की खुलेआम नीलामी कर रही हैं जो उन्हें ज्यादा पैसा देता है वे उसे टिकट दे देती हैं.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बसपा प्रमुख की इन्हीं हरकतों की वजह से बसपा पिछला विधानसभा चुनाव हार गई थी. मौर्य के अनुसार अब बसपा में डॉक्टर अंबेडकर के विचारों का कोई सम्मान नहीं किया जा रहा है और इसी कारण वे पार्टी छोड़ रहे हैं.

वहीं, मौर्य की कांफ्रेंस के बाद मायावती ने भी उन्हें करारा जवाब दिया है. बसपा प्रमुख ने मीडिया को बताया कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने कई बार पार्टीलाइन से इतर जाकर बयानबाज़ी की और साथ ही वे अपने बेटे और बेटी के लिए टिकट भी मांग रहे थे जिसके लिए उन्हें मना कर दिया गया था. मायावती का यह भी कहना था कि मौर्य ने खुद बसपा छोड़कर अच्छा किया, क्योंकि उनकी हरकतों को देखते हुए वे उन्हें जल्द ही पार्टी से निकालने वाली थीं.

अमेरिका, रूस के बाद भारत एक साथ 20 उपग्रह छोड़ने वाला तीसरा देश बना

भारतीय अतंरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को एक साथ 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता हासिल की. ये उपग्रह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी 34 प्रक्षेपणयान के जरिए भेजे गये. बताया जाता है कि इससे पहले केवल अमेरिका और रूस ही एक साथ 20 उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित करने में सफल हुए थे.

इसरो के मुताबिक, इन उपग्रहों का कुल वजन 1,288 किलोग्राम है. इनमें भू-निगरानी उपग्रह कार्टोसेट-2 सहित भारत के तीन और अन्य देशों के 17 उपग्रह शामिल हैं. इनमें अमेरिका के 13, कनाडा के दो और जर्मनी व इंडोनेशिया के एक-एक उपग्रह शामिल हैं. खबरों के अनुसार इन उपग्रहों में तकनीकी कंपनी गूगल का भी एक उपग्रह शामिल किया गया है. इसरो का कहना है कि ये सभी उपग्रह व्यावसायिक हैं और इसलिए उसे इस प्रक्षेपण से काफी आमदनी भी होगी.

इसरो ने इससे पहले 2008 में एक ही प्रक्षेपण से 10 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया था. वह अब तक अपने बहुचर्चित स्वदेशी प्रक्षेपणयान पीएसएलबी के जरिए 57 विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है.