फ्रांस साल भर के भीतर दूसरी बार एक बड़े आतंकी हमले का शिकार हुआ है. देश के दक्षिणी शहर नीस में हुए इस हमले में अब तक 84 लोगों की मौत की खबर है. इनमें कई बच्चे भी हैं. हमले में करीब 150 लोग घायल भी हुए हैं जिनमें 18 की हालत गंभीर बताई जा रही है.

यह हमला फ्रांसीसी क्रांति के एक अहम दिन की याद में आयोजित जश्न के दौरान हुआ. एक ट्रक अचानक भीड़ में घुस गया और उसने लोगों को रौंदना शुरू कर दिया. बताया जाता है कि हमलावर ट्रक को दो किलोमीटर दूर तक दौड़ाता रहा. आखिर में पुलिस ने ट्रक पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं जिसमें हमलावर की मौत हो गई. खबरों के मुताबिक ट्रक से बंदूकें और ग्रेनेड मिले हैं. हमलावर की पहचान भी हो गई है. बताया जा रहा है कि वह मूलत: ट्यूनीशिया का था और नीस में ही रहता था

फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रोंस्वां ओलांद ने कहा है कि यह एक आतंकवादी हमला है. उन्होंने देश में पिछले साल से जारी आपातकाल को तीन महीने और बढ़ाने का ऐलान भी किया है.

बीते साल भी फ्रांस में दो आतंकी हमले हुए थे. 07 जनवरी 2015 को पेरिस में हुए पहले हमले में 17 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद 13 नवंबर 2015 की शाम को पेरिस और उसके उपनगरीय इलाके सेंट डेनिस में सिलसिलेवार आतंकी हमले हुए. इनमें 129 लोगों को जान गंवानी पड़ी. इसके बाद से फ्रांस में आपातकाल लागू है.

इस ताजा हमले की दुनिया भर में भर्त्सना हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि उनका देश हमले में मारे जाने वालों के परिवार के साथ है. ओबामा के मुताबिक उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दे दिए हैं कि वह फ्रांसीसी प्रशासन की हरसंभव मदद करे. ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे के एक प्रवक्ता ने कहा है कि नीस में हुए इस हमले से उन्हें झटका लगा है और वे बहुत चिंतित हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि उनकी संवेदनाएं मारे गए लोगों के परिजनों के साथ हैं. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, 'मैं इस हमले से स्तब्ध हूं और पागलपन से भरे ऐसे वहशियाना हिंसक हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं.'

नीस शहर में करीब दो हजार भारतीय भी रहते हैं. इनमें ज्यादातर दक्षिण भारतीय राज्यों से हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप के मुताबिक इस हमले में अभी तक किसी भी भारतीय के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. मंत्रालय ने पेरिस स्थित भारतीय दूतावास का हेल्पलाइन नंबर +33-1-40507070 भी जारी किया है जिस पर किसी भी जानकारी के लिए संपर्क किया जा सकता है.

विवादित टिप्पणी मामला : सलमान खान महिला आयोग के सामने पेश नहीं हुए

चर्चित अभिनेता सलमान खान ने अपनी ‘दुष्कर्म संबंधी टिप्पणी’ पर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (एमएससीडब्ल्यू) को अपना जवाब भेज दिया है. आयोग की अध्यक्षा विजया राहतकर का कहना है कि इसका विश्लेषण किया जा रहा है जिसके बाद आयोग सोचेगा कि आगे क्या करना है. एमएसडब्ल्यूसी ने उन्हें इससे पहले दो बार सम्मन भेजे थे. इस पर सलमान ने अपने वकील के जरिए आग्रह किया था कि जब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग में इस मामले की सुनवाई चल ही रही है तो महाराष्ट्र महिला आयोग इस मामले की सुनवाई न करे. लेकिन एमएसडब्ल्यूसी ने यह आग्रह ठुकरा दिया था और कहा गया था कि वे 14 जुलाई को आयोग के सामने खुद हाजिर होकर अपना पक्ष रखें.

सलमान ने इस महीने अपनी नई फिल्म ‘सुलतान’ के रिलीज होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि फिल्म में कुश्ती के सीन की शूटिंग के बाद वे किसी बलात्कार पीड़ित महिला की तरह महसूस करते थे. उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था.