उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सपा जहां बड़ा राजनीतिक गठजोड़ खड़ा करने की कोशिश कर रही है, वहीं मायावती का दावा है कि बसपा को पूर्ण बहुमत मिलेगा. इंडिया टुडे के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी और बसपा अकेले अपने दम पर सरकार बनाएगी.

सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ हाथ मिलाने के सवाल पर बसपा प्रमुख ने कहा कि वे यह बात अब तक नहीं भूली हैं कि कैसे 2003 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने ताज कॉरीडोर मामले में उन्हें निशाना बनाया था और उनके परिजनों को छापों से परेशान किया गया था. उन्होंने कहा कि यह वही समय था जब कांशीराम अस्पताल में अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे.

इस बार मायावती मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए तमाम कोशिशें कर रही हैं. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को 2014 में सपा को वोट देने की गलती का अहसास हो रहा है. उन्होंने सपा सरकार के समय पूरे प्रदेश में 400 से ज्यादा दंगे व सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं होने का आरोप लगाया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके शासनकाल में सांप्रदायिक हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई थी.

मुस्लिम वोट सपा के हिस्से में जाने की बात पर मायावती ने कहा, ‘मुस्लिम यह बात जानते हैं कि सपा को वोट देने का मतलब अपने वोटों की बर्बादी है. वे ऐसी किसी पार्टी को वोट नहीं देना चाहते, जिसकी हार तय है.’ मायावती के मुताबिक कांग्रेस का यूपी में कोई आधार नहीं हैं, ऐसे में केवल बसपा ही भाजपा को सत्ता में आने से रोक सकती है.

उधर, सपा के सिल्वर जुबली कार्यक्रम में समाजवादी के नेताओं और कांग्रेस रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मौजूदगी से बिहार की तर्ज पर यूपी में ‘महागठबंधन’ बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. हालांकि हाल में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि सपा की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में कुछ बनेगा तो यह गठबंधन होगा न कि महागठबंधन क्योंकि उसमें बसपा शामिल नहीं होगी.