अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले नाटकीय उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सीएनएन के मुताबिक फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने विदेश मंत्री रहते हुए ई मेल के लिए निजी सर्वर के इस्तेमाल के मामले में हिलेरी क्लिंटन को एक बार फिर क्लीनचिट दे दी है. रविवार को एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कॉमे ने संसदीय समिति को चिट्ठी लिखकर बताया कि नए ईमेल्स की जांच के बाद एजेंसी के जुलाई के निष्कर्ष में कोई बदलाव नहीं आया है.

एफबीआई ने जुलाई में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और उनकी सहयोगी हुमा आबदीन के बीच निजी ईमेल की जांच की थी. इसके बाद उसने कहा था कि ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया है जिसके आधार पर क्लिंटन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सके. हालांकि, पिछले महीने कुछ नए ईमेल्स सामने आए थे जिसके बाद एफबीआई ने दोबारा इस मामले की जांच करने की घोषणा कर दी थी. इसने क्लिंटन की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. लोकप्रियता के मामले में उनसे पीछे छूट गए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को भी उन पर हमला करने का मौका मिल गया था. चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में हिलेरी क्लिंटन और ट्रंप के बीच का अंतर घटकर एक फीसदी पहुंच गया था. ऐसे में एफबीआई की नई घोषणा हिलेरी क्लिंटन के लिए राहत मानी जा रही है.

उधर, एफबीआई के फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया आई है. मिशिगन में हुई एक रैली में ट्रंप ने जांच पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि महज आठ दिन के भीतर साढ़े छह लाख ईमेल्स की जांच नहीं हो सकती है. ट्रंप ने कहा, ‘हिलेरी क्लिंटन की गलती है, वे खुद जानती हैं, एफबीआई भी जानती है, लोगों को भी पता है. अब यह अमेरिकी लोगों के ऊपर है कि वे आठ नवंबर को मतदान के दिन क्या फैसला सुनाते हैं.’

एफबीआई डायरेक्टर कॉमे ने कहा है कि इस मामले की जांच में एजेंसी ने दिन-रात मेहनत की है. संसदीय समिति को लिखी चिट्ठी के मुताबिक क्लिंटन की सहयोगी हुमा आबदीन के पति एंथोनी वीनर के लैपटॉप से मिले ईमेल्स की जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिसके आधार पर हिलेरी क्लिंटन पर मुकदमा चलाया जा सके. एफबीआई ने एक नाबालिग को अभद्र मैसेज भेजने के मामले में वीनर का लैपटॉप जब्त किया था, जिसे कभी-कभी हुमा आबदीन भी इस्तेमाल करती थीं.