कांग्रेस की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक से संकेत हैं कि संसद के आगामी सत्र में भाजपा को एक बार फिर विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ सकता है. सोनिया गांधी की गैर-मौजूदगी में बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार असहमति रखने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सवाल पूछने की वजह से सिविल सोसायटी को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर धमकाया जा रहा है. एनडीटीवी इंडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र काले दौर से गुजर रहा है.

एएनआई के मुताबिक बैठक में संगठन के चुनाव और आगामी शीतकालीन सत्र में पार्टी की रणनीति जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर की चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हुई. इस दौरान राहुल गांधी ने संसद के आगामी सत्र में सरकार की विफलताओं को सामने लाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अपनी विफलताओं को आकंड़ों के पीछे छिपाना चाह रही है जो हर हाल में संदिग्ध हैं. राहुल ने सरकार पर कुछ कार्पोरेट घरानों का पक्ष लेने और आम आदमी की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा के बावजूद युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं और किसानों आत्महत्या और खेती का संकट चौंकाने वाले स्तर तक बढ़ गया है.

पाकिस्तान से निपटने में मोदी सरकार को विफल बताते हुए राहुल ने कहा कि सरकार दो अतिवादी छोरों के बीच झूल रही है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दशकों बाद इतनी ज्यादा मौतें हुई हैं. उन्होंने वन रैंक वन पेंशन और सैनिकों की विकलांगता पेंशन घटाने जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.

केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सोनिया गांधी के शामिल न होने के सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उनकी सेहत को इसकी वजह बताया. कुछ खबरों के मुताबिक दिल्ली में भयानक वायु प्रदूषण की वजह से डॉक्टरों ने सोनिया गांधी को घर पर रहने की सलाह दी थी.