चौतरफा हो रही आलोचना के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने एनडीटीवी इंडिया पर लगाया गया एक दिन का बैन हटा लिया है. पीटीआर्इ के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हिंदी चैनल एनडीटीवी इंडिया के खिलाफ जारी अपने आदेश पर रोक लगा दी है. खबरों में कहा गया है कि मंत्रालय ने यह निर्णय केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणय रॉय के बीच हुई एक बैठक के बाद लिया है. उधर, एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने नौ नवंबर के बैन के आदेश को फिलहाल 'होल्‍ड' पर रखा है और वह अपने इस निर्णय पर दोबारा विचार कर रहा है.

इससे पहले सोमवार को एनडीटीवी ने सरकार के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जिस पर अदालत में मंगलवार को सुनवाई होनी थी. चैनल ने सरकार के फैसले को गलत बताते हुए यह भी कहा है कि उसने पठानकोट हमले के दौरान वही जानकारी दी थी, जो अन्य चैनलों और अखबारों ने दी थी.

पिछले हफ्ते सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एनडीटीवी इंडिया पर पठानकोट एयर बेस पर हुए हमले के दौरान संवेदनशील जानकारी लीक करने का आरोप लगाया था. मंत्रालय का कहना था कि इस जानकारी के लीक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता था, क्योंकि आतंकवादी भी लगातार टीवी चैनलों के संपर्क में थे. सरकार ने सजा के तौर पर एनडीटीवी इंडिया को एक दिन (नौ नवंबर) के लिए बंद करने का आदेश दिया था.