पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग का मामला गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में उठा. टीएमसी सांसदों ने बनर्जी की जान खतरे में बताते हुए इसके पीछे साजिश की आशंका जताई. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए खूब हंगामा किया. बुधवार को ममता बनर्जी इंडिगो के जिस विमान से पटना से कोलकाता की यात्रा कर रही थीं, उसकी कोलकाता एयरपोर्ट पर ईंधन कम होने की शिकायत के चलते इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी.

इस पूरे मामले पर इंडिगो ने सफाई दी है और विमान में ईंधन कम होने की बात को गलत बताया है. द इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इंडिगो ने इमरजेंसी लैंडिंग की घोषणा के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की गलतफहमी को जिम्मेदार बताया है. उसका यह भी कहना है कि पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर कोई संकेत जारी नहीं किया था. इंडिगो से जारी बयान के मुताबिक जिस विमान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं, उसमें कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद अधिकतम जरूरत से कहीं ज्यादा ईंधन मौजूद था.

उधर, नागरिक विमानन मंत्री जयंत सिन्हा ने राज्यसभा में बताया कि मामले की जांच की जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सौंपी गई है. उन्होंने बताया, ‘कोलकाता एयरपोर्ट पर कुल तीन विमानों ने ईंधन कम होने की शिकायत के साथ इमरजेंसी लैंडिंग की थी. इसमें इंडिगो के अलावा स्पाइस जेट और एयर इंडिया के विमान शामिल हैं जिनकी एटीसी ने प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग करायी थी.’

पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फिरहद हाकिम भी ममता बनर्जी के साथ उसी विमान में मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि ‘पायलट ने कम ईंधन के चलते लैंडिंग करने की इजाजत मांगी, लेकिन एटीसी ने उसे रोक दिया. यह हमारी मुख्यमंत्री की हत्या करने की साजिश के अलावा कुछ नहीं था.’ टीएमसी ने इस मामले को ममता बनर्जी द्वारा नोटबंदी के विरोध से जोड़ने की कोशिश की है.