रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज संसद में रेल बजट पेश किया है. आज सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इसी की चल रही है. यहां बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं. सोशल मीडिया पर आई एक टिप्पणी के अनुसार विपक्ष बजट की आलोचना करने की परंपरा पूरी शिद्दत से निभा रहा है. कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा गया कि पार्टी बजट को इसलिए भी नापसंद कर सकती है क्योंकि रेलमंत्री ने कोई टॉयट्रेन नहीं चलाई है.

कल संसद में बजट सत्र के दौरान शिक्षामंत्री स्मृति ईरानी और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के बीच हुई तीखी बहस आज भी चर्चा में रही. स्मृति ईरानी के नाटकीय और भावनात्मक भाषण पर कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अखबार टेलीग्राफ ने आज शीर्षक दिया था - ‘आंटी नेशनल’. भाजपा विरोधियों ने सोशल मीडिया पर इस शीर्षक और अखबार के मुख्य पृष्ठ को खूब शेयर किया है. ‘आंटी नेशनल’ और ‘द टेलीग्राफ’ ट्रेंडिंग टॉपिक पर भाजपा समर्थक यह आरोप लगाते दिखे कि यह मीडिया के पक्षपाती रवैए का नमूना है.

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें साल 2001 में संसद हमले में अफजल गुरु की भूमिका पर संदेह है. सोशल मीडिया में चिदंबरम के बयान पर ढेरों टिप्पणियां आई हैं. कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि जब वे केंद्रीय मंत्री थे तब उन्हें यह बात याद क्यों नहीं आई. उधर राहुल गांधी ने कल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा उन्हें बोलने नहीं दे रही है. सोशल मीडिया में इस बयान पर तंज करते हुए कहा गया है कि भाजपा के बजाय कांग्रेस जरूर चाहती है कि राहुल गांधी अपना मुंह बंद रखें.

कबीरा |‏ @atulvandana02

रेलमंत्री जी को ट्रेन के टॉयलेट में परमानेंट मार्कर पेन रखवा देना चाहिए, कुछ नंबर ज्यादा पुराने होने से मिट गए हैं.

मंजुल |‏ @MANJULtoons

लगता है सुरेश प्रभु जी का बजट मीडिया को ज्यादा समझ नहीं आया. वो एंटरटेनमेंट की तलाश में श्री संजय दत्त के घर चला गया है.

सतीश आचार्य |‏ @satishacharya

आखिर राहुल गांधी क्या कहेंगे?

कीर्ति |‏ @iamkits

लोग कहते हैं कि पटरियां नही ट्रेनें सफर करती हैं, इधर तो पटरियों ने ही लोटे से कोटे तक का सफर तय कर मारा है.

राकेश सिंह |‏ @RakeshSinha01

कोई कल्पना कर सकता है कि चिदंबरम होम मिनिस्टर के रूप में क्या करतें होंगे? आज उन्हें अफजल की भूमिका पर संदेह है. हमें उनकी भूमिका पर.

ऑलवेज विद ट्रुथ |‏ @optimistindiak

कल के भाषण में स्मृति ईरानी ने इतना ही कहना बाकी था कि वह रोहित को रोज फोन करके लोरी सुनाया करती थी. #आंटी नेशनल

मोहित पसरीचा |‏ fb/mohit.pasricha.7

यूं लगता है कि जैसे टेलीग्राफ ने जर्नलिस्ट की जगह कोई कॉपीराइटर नौकरी पर रख लिया है.

केतन मिश्रा |‏ fb/k10mishra

अब ‘कुली’ को ‘सहायक’ कहा जाएगा. क्रांति के दीवाने अभिव्यक्ति की आज़ादी पर एक और प्रहार के नाम पर सड़कों पर आ सकते हैं.

वन लाइनर्स |‏ fb//ruri10

रेलयात्रा को इतना महंगा करने वाले प्रभु बजट से पहले ही अपनी कृपा दिखा चुके हैं!