भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की समीक्षा करने के लिए भारत की यात्रा पर आने वाले एक अमेरिकी आयोग को भारत सरकार ने वीजा देने से इनकार कर दिया है. आज से शुरू हो रही इस यात्रा पर अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) के तीन सदस्यों को भारत आना था. इन्हें यहां सरकारी अधिकारियों, धार्मिक नेताओं और नागरिकों से बात करके यहां के हालात पर एक रिपोर्ट तैयार करनी थी. आयोग के अध्यक्ष रॉबर्ट पी जॉर्ज ने एक बयान में कहा है, 'हम भारत द्वारा वीजा के लिए इनकार किए जाने पर बेहद निराश हैं. एक बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष देश जो अमेरिका का करीबी है, उसे हमें इस यात्रा के लिए अनुमति देनी चाहिए थी.' बता दें कि 2015 की अपनी रिपोर्ट में यूएससीआईआरएफ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विहिप द्वारा अल्पसंख्यकों का धर्म परिवर्तन कराने की बात कही थी. आयोग का कहना था कि मोदी सरकार के आने के बाद ऐसे मामले काफी बढ़ गए हैं.

यूएससीआईआरएफ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानवाधिकार से जुड़े कानूनों के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों की घटनाओं की समीक्षा करता है और इसकी रिपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और संसद के सामने पेश करता है. बता दें कि इससे पहले यूपीए सरकार ने भी इस अमेरिकी आयोग को वीजा देने से इनकार किया था. जॉर्ज का कहना है कि भारत में पिछले तीन साल से धार्मिक स्वतंत्रता में भारी गिरावट आई है और इसलिए वे यहां आने की अपनी कोशिशें जारी रखेंगे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस मामले में वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया था लेकिन अधिकारियों ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

पोप फ्रांसिस ने पाकिस्तान का निमंत्रण स्वीकारा, पहली बार किसी इस्लामी देश की यात्रा करेंगे

ईसाईयों के सबसे बड़े धार्मिक नेता पोप फ्रांसिस इस वर्ष पाकिस्तान की यात्रा करेंगे. पीटीआई के मुताबिक यह पोप की किसी इस्लामी देश की पहली यात्रा होगी. पाक मीडिया के अनुसार पिछले महीने पाकिस्तान के दो मंत्री कामरान माइकल और सरदार यूसुफ ने वेटिकन में पोप से मुलाकात कर उन्हें नवाज शरीफ की ओर से पाकिस्तान आने का निमन्त्रण दिया था. पाकिस्तान के धार्मिक मंत्रालय ने जानकारी दी है, 'पोप ने हमारे निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही विचार-विमर्श के बाद यात्रा की तारीख तय की जाएगी.' अधिकारियों के मुताबिक अपनी इस यात्रा पर पोप प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और राष्ट्रपति ममनून हुसैन से मुलाकात करेंगे. साथ ही वह देश के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के साथ भी व्यापक बातचीत करेंगे.

हामिद करजई बोले, पाकिस्तान ने हमें बरबादी की कगार पर पहुंचा दिया

आईआईटी कानपुर के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ हामिद करजई ने पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज अफगानिस्तान की जो हालत है उसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान जिम्मेदार है. उनके मुताबिक सोवियत रूस के अंत के बाद पाकिस्तान ने हमारे ऊपर चरमपंथी थोपे जिनकी वजह से अफगानिस्तान बरबादी की कगार पर पहुंच गया. करजई का कहना था कि इन आतंकियों ने उनके देश को कभी संभलने और उन्नति के बारे में सोचने का मौका ही नहीं दिया.

उन्होंने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके बुरे वक्त में भारत ने उनकी मदद का बीड़ा उठाया और इसीलिए वह आज भारत को अपना सबसे बड़ा मददगार मानते हैं. करजई का कहना था भारत ने कई क्षेत्र में उनकी बड़ी मदद की है, उसने केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही पिछले 14 सालों में 10 हजार छात्रों को स्कॉलरशिप दी है साथ ही 60 हजार अफगानी छात्रों ने भारत में अपनी पढाई पूरी की है. बता दें कि भारत ने पिछले कुछ सालों में अफगानिस्तान को कई योजनाओं के लिए करोड़ों डॉलर दिए हैं. हाल ही में बनकर तैयार हुए संसद भवन के लिए भी भारत ने अफगानिस्तान को दो अरब डॉलर की मदद दी थी.