रविवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में चर्च पर हुए हमले को लेकर पुलिस ने छह नाबालिगों समेत सात लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में अन्य लोगों की तलाश जारी है, रायपुर के आईजी जीपी सिंह ने कहा, 'जांच चल रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, हमने उन्हें पकड़ने के लिए अलग से टीम का गठन किया है.' बीते रविवार को रायपुर के कामरडीह इलाके के एक चर्च में प्रार्थना के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर तोडफ़ोड़ की थी. इस हमले में दो महिलाओं सहित पांच लोग घायल हुए थे. वहीं, गृहमंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से इस मामले में रिपोर्ट देने को कहा है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा है कि सरकार घटना को लेकर चिंतित है, पुलिस जरूरी कदम उठा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

उधर, छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि राज्य में लगातार चर्चों पर हमले हो रहे हैं और सरकार इस मामले में बिल्कुल उदासीन है. उनका आरोप है कि ऐसे मामलों में सरकार उल्टे ईसाईयों पर ही कार्रवाई कर रही है. बता दें कि बीते 25 फरवरी को ही अमेरिका के 34 सांसदों ने भारत में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था. सांसदों ने पत्र में छत्तीसगढ़ सहित कई इलाकों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए मोदी से इन हमलों को रोकने और इनके दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा था.

महबूबा ने कहा, भाजपा के साथ गठबंधन पिता का फैसला था, जिसे मैं भी निभाऊंगी

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा के साथ सरकार बनाने के साफ तौर पर संकेत दे दिए हैं. पीटीआई के अनुसार महबूबा ने सोमवार को कहा कि उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद का भाजपा से गठबंधन का फैसला उनके बच्चों के लिए वसीयत की तरह है, जिसे वे अमल में लाएंगी, भले ही ऐसा करते हुए वे खुद मिट ही क्यों न जाएं. महबूबा ने कहा, 'मेरे पिता का भाजपा से गठबंधन करने का फैसला पत्थर की लकीर की तरह है. मैं हर हाल में उनके फैसले को निभाऊंगी.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनाने के फैसले का एक मकसद यह भी है कि दोनों दल गठबंधन के एजेंडे पर काम करते हुए राज्य के लोगों को लाभ पहुचाएं. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आठ जनवरी से राज्यपाल शासन लागू है.

माल्या के 515 करोड़ रुपये निकालने पर रोक, मनीलांड्रिंग का मामला भी दर्ज हुआ

ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने विजय माल्या को बड़ा झटका देते हुए उन्हें ब्रिटेन की कंपनी डियाजियो से मिली 515 करोड़ रुपये की रकम को इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है. माल्या ने 2013 में अपनी शराब कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट की बड़ी हिस्सेदारी ब्रिटेन की कंपनी डियाजियो को बेंच दी थी. हाल ही में उन्होंने एक समझौते के तहत यूनाइटेड स्पिरिट के चेयरमैन पद से भी इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट की नई मालिक बन गयी.

डीआरटी ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक के साथ माल्या का मामला जब तक नहीं सुलझ जाता तब तक यह पाबंदी लगी रहेगी. डीआरटी ने यह फैसला स्टेट बैंक की उस अपील पर सुनाया है जिसमें उसने कहा था कि माल्या और डियाजियो के बीच यनाइटेड स्पिरिट की हिस्सेदारी की खरीद-फरोख्त का समझौता ऐसे समय में हुआ था जब बैंक माल्या को बड़ा डिफाल्टर घोषित कर चुकी थी. इसलिए माल्या के ऊपर रकम निकालने पर रोक लगनी चाहिए.

बता दें कि एसबीआई की अगुवाई वाले 17 बैंकों का माल्या पर लगभग 7500 करोड़ रुपए का कर्ज़ है. उधर, सोमवार को ही सीबीआई की शिकायत पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या के ख़िलाफ़ मनीलॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. मीडिया में आई खबरों के अनुसार अब ईडी जांच करेगा कि कहीं माल्या ने बैंकों से लिया पैसा विदेशों में तो नहीं लगाया है.