दक्षिण सूडान में चल रहे गृह युद्ध पर आई संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट किसी की भी रूह कंपा सकती है. इस रिपोर्ट का कहना है कि दक्षिण सूडान की सरकार ने गृहयुद्ध में लड़ रहे अपने सैनिकों को पगार देने के बजाय महिलाओं से बलात्कार करने की छूट दे रखी है. यूएन मानवाधिकार आयुक्त ज़ैद राद अल हुसैन ने इस रिपोर्ट को पेश करते हुए बताया कि सूडान में सरकार की मदद से बलात्कार एक तंत्र का हिस्सा हैं और वहां की सरकार अपने सैनिकों को उत्साहित करने के लिए इसका इस्तेमाल करती है. उनके मुताबिक दक्षिण सूडान के केवल एक राज्य यूनिटी स्टेट में ही अप्रैल से सितम्बर 2015 के बीच सैनिकों के द्वारा 1300 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं.

रिपोर्ट में अन्य घटनाओं के बारे में कहा गया है कि नागरिकों और बच्चों को सामूहिक रूप से जिंदा जलाने और उन्हें विकलांग करने की घटनाएं भी बड़े स्तर पर सामने आईं हैं. यूएन के मुताबिक सूडान में सरकार को जिन नागरिकों पर विद्रोहियों से मिले होने का शक होता है, उनको जिंदा जलाना, सामूहिक रूप से फांसी देना, उनके अंग काट देना और उन्हें बड़े कंटेनरों में बंद कर देना आम बात है.

रिपोर्ट में एक घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि सूडान की सेना ने 60 चरवाहों को एक कंटेनर में बंद कर दिया था जिसमें दम घुटने से 59 की मौत हो गई थी. बता दें कि सूडान में नवंबर, 2014 से नवंबर, 2015 के बीच ही 10,553 नागरिकों की हत्या की गई है. जबकि इस गृहयुद्ध में दिसंबर, 2013 से अब तक हजारों लोग मारे गए हैं और बीस लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं.

पीओके में लश्कर के आतंकी खुलेआम घूमते हैं : शौकत अली कश्मीरी

कश्मीर में आतंक फैलाने से इनकार करने वाले पाकिस्तान की वहां के एक नेता ने ही पोल खोल दी है. अमेरिका के जेनेवा में एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान पाक अधिकृत कश्मीर के निर्वासित नेता शौकत अली कश्मीरी ने कहा है कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकियों को जमकर बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने खुलासा किया कि पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) का इस्तेमाल आतंकियों को लॉन्च करने के लिए करता है. उनके मुताबिक, 'पाकिस्तान की कथनी और करनी में बहुत फर्क है, एक ओर तो वह आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात कहता है, वहीं दूसरी ओर पीओके में लश्कर के आतंकियों को खुलेआम घूमने और प्रशिक्षण शिविर चलाने की छूट देता है.' शौकत अली का यह भी कहना है कि पीओके की जमीन के आतंकियों के इस्तेमाल की वजह से स्थानीय स्तर पर बड़ी समस्याएं उपजी हैं जिन पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है.

यूरोप और रूस मिलकर मंगल पर जीवन की खोज करेंगे

यूरोप और रूस एक महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मंगल गृह पर जीवन की खोज के लिए एक संयुक्त अभियान चलाने जा रहे हैं. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के मुताबिक सोमवार को यूरोप और रूस का एक मानवरहित अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया जाएगा. उसके अनुसार यह यान मंगल ग्रह के वातावरण में गैसों की मौजूदगी के सबूत ढूंढने के साथ ही यह भी पता लगाएगा कि क्या वहां जीवन है या फिर कभी जीवन था. मीडिया में आई खबरों के अनुसार दो चरण वाले इस अभियान के पहले चरण 'एक्सोमार्स 2016' के तहत अंतरिक्ष यान को कजाखिस्तान के प्रक्षेपण केंद्र से रूस के प्रोटोन रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा. ईएसए के मुताबिक इस अभियान के दूसरे चरण के तहत एक और यान का प्रक्षेपण 2018 में होगा.