कांग्रेस के राज्य सभा सांसद और नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना खूंखार आतंकी संगठन आईएस से की है. आजाद ने शनिवार को मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में कहा, 'हम मुसलमानों के बीच भी ऐसे लोगों को देखते हैं कि जो मुस्लिम देशों की तबाही की वजह बन गए हैं... इनके पीछे कुछ ताकतें हैं. परंतु हमें यह समझने की जरूरत है कि मुसलमान इसमें क्यों शामिल हो रहे हैं, वे क्यों फंसते जा रहे हैं?' उनका आगे कहना था, 'हम आईएस के इन कृत्यों के कारण उसका विरोध उसी तरह करते हैं जिस तरह हम आरएसएस का विरोध करते हैं. अगर इस्लाम में ऐसे लोग हों, जो गलत चीजें करते हैं, तो वे आरएसएस से किसी भी तरह कम नहीं हैं.'

उधर, संघ ने कांग्रेसी नेता के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संगठन के एक पदाधिकारी जे नंद कुमार ने कहा, 'आजाद की ओर से आईएस की आरएसएस से तुलना करना कांग्रेस के बौद्धिक दिवालियेपन को दर्शाता है.' उनके अनुसार संघ के नेता इस मामले पर कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार कर रहे हैं. वहीं, भाजपा ने आजाद के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि आजाद को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए या फिर सोनिया गांधी को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

माल्या से सबक लेते हुए सेबी ने विलफ़ुल डिफॉल्टरों पर नए प्रतिबंध लगाए

विजय माल्या से सबक लेते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों (विलफुल डिफॉल्टरों) पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन प्रतिबंधों के बाद विलफुल डिफॉल्टर उद्योगपति स्टॉक तथा बांडों के जरिये सार्वजनिक धन नहीं जुटा पाएंगे. सेबी के अनुसार जानबूझकर कर्ज़ नहीं चुकाने वाले लोग अब पैसा नहीं जुटा पाएंगे. साथ ही उन पर पब्लिक इश्यू आईपीओ या एफ़पीओ के ज़रिए रकम जुटाने पर भी रोक रहेगी. इसके अलावा सेबी ने तय किया है कि ऐसे लोग सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक मंडल (बोर्ड) में कोई पद नहीं ले सकेंगे. सेबी ने विलफ़ुल डिफॉल्टर्स के म्यूचुअल फंड्स जैसा कारोबार शुरू करने पर भी रोक लगा दी है. सेबी का यह फैसला ऐसे समय आया है जब यूबी ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या नौ हजार करोड़ का कर्ज न चुकाने के बाद विदेश जा चुके हैं. माल्या को भारतीय स्टेट बैंक ने विलफ़ुल डिफॉल्टर घोषित किया है.

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवान शहीद

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों के साथ देर रात हुई मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए जबकि चार अन्य घायल हुए हैं. कांकेर पुलिस उपनिरीक्षक (डीएसपी) जयंत वैष्णव ने बताया कि बीएसएफ की दो बटालियनें और जिला पुलिस बल का एक संयुक्त दस्ता काफी दिनों से कांकेर के जंगलों में नक्सलियों की तलाश कर रहे थे. उनके के मुताबिक कल रात ढाई बजे के करीब जब ये लोग बेचा गांव के घने जंगल में एक नदी के निकट पहुंचे तभी पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने इन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. डीएसपी के मुताबिक हमले में गंभीर रूप से घायल दो जवानों की विमान से रायपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई. वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि नक्सलियों ने एक दिवसीय बस्तर बंद का आह्वान किया था जो कामयाब नहीं हुआ जिस वजह से उन्होंने कुंठित होकर ये हमला किया है और जल्द ही इसका जबाब दिया जाएगा.