'विधायक पर पार्टी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.'

— मेनका गांधी, केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री

देहरादून में भाजपा विधायक गणेश जोशी द्वारा पुलिस के एक घोड़े शक्तिमान की टांग तोड़ने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए मेनका ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि विधायक ने पार्टी की छवि खराब की है. यह घटना एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी. इसके बाद से भाजपा की चौतरफा किरकिरी हो रही है. विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

'संविधान तो उन्हें शेरवानी पहनने को भी नहीं कहता, टोपी लगाने को भी नहीं कहता.'

— जावेद अख्तर, मशहूर शायर और राज्यसभा सांसद

राज्यसभा कार्यकाल पूरा होने पर जावेद अख्तर ने अपने विदाई भाषण में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए यह बात कही. ओवैसी ने कुछ दिन पहले कहा था कि गर्दन पर छुरी रख दी जाए तो भी वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे क्योंकि संविधान उनसे ऐसा नहीं कहता. जावेद अख्तर ने दक्षिणपंथी कट्टरवाद की भी निंदा की. उनका कहना था कि भारत एक दोराहे पर है जहां उसे फ़ैसला करना है कि उसे धर्म-मज़हब की बुनियाद पर मुल्क की नींव खड़ी करनी है या धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद पर. भारत माता की जय के नारे को अपना अधिकार बताते हुए अख्तर ने सदन में यह नारा भी लगाया.


'आप मेरी आलोचना करें तो यह आपकी अभिव्यक्ति की आजादी और अगर मैं आपकी आलोचना करूं तो ये मेरी असहिष्णुता.'

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

राज्यसभा में आधार विधेयक पर चर्चा के दौरान जेटली ने माकपा नेता और सांसद सीताराम येचुरी को जवाब देते हुए यह बात कही. जेटली ने येचुरी के उस ऐतराज को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है लिहाजा इस पर संसद में बहस नहीं की जा सकती. जेटली ने कहा कि कोर्ट में किसी फैसले के विचाराधीन होने का मतलब यह नहीं है कि संसद उस पर क़ानून बनाने का अपना हक़ खो दे. निजता के हनन की आशंकाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकार जो पैसा खर्च कर रही है वह सही व्यक्ति तक पहुंचे.


'यह क्षेत्रीय देशों पर निर्भर करता है कि वे आस-पड़ोस में क्षेत्रीय स्थिरता और सद्भाव बनाये रखने के लिए क्या प्रयास करते हैं.'

— ली क्विंग, चीन के प्रधानमंत्री

चीन का यह बयान दक्षिण चीन सागर को लेकर चल रहे क्षेत्रीय विवादों के बीच आया है. क्विंग ने यह भी कहा है कि उनका देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाये रखने के प्रयासों के दौरान संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता बनाये रखने के अपने संकल्प से नहीं डिगेगा. बीते काफी समय से इस मुद्दे को लेकर चीन और अमेरिका समर्थित मलेशिया, वियतनाम और ब्रूनेई जैसे देशों के बीच तनातनी चल रही है. चीन पूरे दक्षिण सागर को अपना बताता है जबकि बाकी देश भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं.

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