दुबई से रूस जा रहा एक यात्री विमान आज सुबह हादसे का शिकार हो गया. फ्लाइदुबई एयरलाइन्स के इस विमान में 55 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे. एयरलाइन्स के मुताबिक इस हादसे में सभी 61 यात्रियों की मौत हुई है जिनमें दो भारतीय भी शामिल हैं. रूसी न्यूज़ चैनल लाइफ न्यूज़ के मुताबिक बोइंग-737 विमान को रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोफ़-ऑन-दोन के हवाई अड्डे पर उतरना था लेकिन मौसम ख़राब होने के कारण दृश्यता काफी कम थी और इसी वजह से चालक ने पहले प्रयास में विमान नहीं उतारा. जब दूसरे प्रयास में विमान उतारा जा रहा था तब वह रनवे से आगे निकल गया और उसमें आग लग गई. इसके बाद विमान में विस्फोट हो गया.

खबरों के मुताबिक इस विमान में सबसे ज्यादा 44 यात्री रूस के थे जबकि 8 यात्री यूक्रेन के थे. एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि उसने अस्थाई समय के लिए एयरपोर्ट को बंद करते हुए जांच शुरू कर दी है. हालांकि अभी तक विमान हादसे की वजह साफ नहीं हो पाई है. बता दें कि फ़्लाइदुबई सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने वाली एयरलाइन्स कंपनी है. इसे साल 2009 में शुरू किया गया था.

ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक सिख संगठन से 15 साल पुराना बैन हटा

ब्रिटेन ने शुक्रवार को खालिस्तान समर्थक सिख संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) पर 15 साल से लगा बैन हटा लिया है. खबरों के मुताबिक ब्रिटिश संसद ने यह कहते हुए पाबंदी हटाई है कि उसे आईएसवाईएफ के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. सरकार द्वारा पिछले साल 22 मई को पेश किए गए इस प्रस्ताव पर मंगलवार रात को बहस खत्म हुई थी. इसके बाद शुक्रवार को ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हायस ने सदन को बताया कि सरकार ने आईएसवाईएफ के बारे में विस्तार से तहकीकात करने के बाद उसपर लगा प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है. बता दें कि 1980 के दशक में पंजाब में आतंकवाद के दौर में आईएसवाईएफ की स्थापना हुई थी. माना जाता है कि यह संगठन भारत के खिलाफ कई साजिशों शामिल रहा है. इन्हीं वजहों से ब्रिटेन ने मार्च 2001 में इसपर प्रतिबंध लगाया था. ब्रिटेन के इस फैसले के बाद इसे भारत और कनाडा में भी प्रतिबंधित कर दिया गया था.

तुर्की के इस्तांबुल में आत्मघाती धमाके में चार की मौत

तुर्की के इस्तांबुल शहर में एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर हुए धमाके में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है. इस्तांबुल के गवर्नर वशिप साहीन ने मीडिया को बताया कि यह एक आत्मघाती हमला था जिसमें 36 लोग घायल हुए हैं, घायलों में 12 विदेशी नागरिक हैं. बताया जाता है कि यह धमाका शहर के इस्तिकलाल स्ट्रीट में हुआ है जहां शनिवार और रविवार को पर्यटकों की काफी भीड़ रहती है. हालांकि, अभी तक हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है. लेकिन, सुरक्षा अधिकारियों ने इसके लिए कुर्द आतंकियों को दोषी बताया है. बता दें कि पिछले रविवार को ही तुर्की की राजधानी अंकारा में हुए एक हमले में 37 लोगों की मौत हुई थी जिसकी जिम्मेदारी कुर्द आतंकियों ने ली थी. उनका कहना था कि कुर्द समुदाय पर तुर्की सेना की कार्रवाई के विरोध में उन्होंने यह हमला किया था.