अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने ऐतिहासिक तीन दिवसीय दौरे के तहत क्यूबा पहुंच गए हैं. इस यात्रा के साथ ही वे बीते 88 वर्षों में क्यूबा की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं. उनसे पहले 1928 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति केल्विन कूलिज ने क्यूबा की यात्रा की थी. ओबामा की इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच शीतयुद्ध के दौर से चली आ रही शत्रुता को समाप्त करना है. व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में कहा है कि इस यात्रा के दौरान ओबामा दोनों देशों के संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं और इसलिए वे क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के साथ-साथ वहां की सिविल सोसायटी, उद्यमियों और सार्वजनिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों से भी मुलाक़ात करेंगे.

बता दें, जनवरी में अपने अंतिम 'स्टेट ऑफ़ यूनियन' भाषण में ओबामा ने क्यूबा के साथ बेहतर संबंधों को अपना प्रमुख लक्ष्य बताया था. ओबामा ने इससे पहले पिछले साल जुलाई में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध बहाल करते हुए क्यूबा पर 54 साल से लगी यात्रा और व्यापार संबंधी पाबंदियों में छूट दी थी. हालांकि, अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी ने उनके इस दौरे का कड़ा विरोध किया है. रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि जब तक क्यूबा में कास्त्रो परिवार सत्ता में है तब तक यह दौरा नहीं होना चाहिए. वहीं, दूसरी ओर अमेरिका के प्रतिबंधों की मार झेल रहे क्यूबा के लोगों ने ओबामा का जोरदार स्वागत किया है. क्यूबा सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस यात्रा के बाद अमेरिका उसपर लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटा लेगा.

इंडोनेशिया में सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 12 की मौत

इंडोनेशिया में सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 12 लोगों की मौत हो गई है. सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना सुलावेसी द्वीप के पोसो जिले में हुई है. सेना के प्रवक्ता ततंग सुलेमान के मुताबिक बेल 412 हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के 35 मिनट बाद और उतरने से मात्र 10 मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उनके अनुसार हेलीकाप्टर में सात यात्री और चालक दल के छह सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 12 के शव बरामद किये जा चुके हैं जबकि एक यात्री की तलाश जारी है. ततंग का कहना है कि दुर्घटना की असली वजह का पता अभी नहीं लगा है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि भारी बारिश और दृश्यता कम होने की वजह से यह दुर्घटना घटी है.

इराक के मोसुल शहर पर अमेरिका का हवाई हमला, आईएस के 100 आतंकी मारे गए

इराक के निनेवेह प्रांत के मोसुल शहर में अमेरिकी हवाई हमले के दौरान आतंकी संगठन आईएस के 100 आतंकी मारे गए हैं. इराकी सेना के मुताबिक शनिवार को अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने आईएस के कब्जे वाले मोसुल विश्वविद्यालय सहित कई अन्य इमारतों पर बम गिराए हैं जिनमें कम से कम 100 आतंकी ढेर हुए हैं. बताया जाता है कि जब यह हमला हुआ तब विश्वविद्यालय में कोई छात्र नहीं था. वहीं, ब्रिटेन की इंटरनेशनल एयरस्ट्राइक मॉनिटरिंग ग्रुप 'एयरवेज' ने दावा किया है कि इस हमले में 25 आम नागरिक भी हताहत हुए हैं. हालांकि, संस्था का कहना है कि हमले से पहले नागरिकों से अपील की गई थी कि वे अपने घरों में ही रहें ताकि आतंकी बचने के लिए उनका इस्तेमाल न कर सकें. बता दें कि जून 2014 में आईएस ने मोसुल शहर पर कब्जा कर लिया था. आईएस यहां मोसुल विश्वविद्यालय को अपने ट्रेनिंग कैंप की तरह इस्तेमाल कर रहा था.