अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई और आईफोन निर्माता कंपनी एपल के बीच कई महीनों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया है. जांच एजेंसी ने सोमवार को बताया कि उसने एपल की मदद लिए बिना ही सैनबर्नार्डिनो हमले के आतंकी का आईफोन अनलॉक कर लिया है. सरकारी वकील एलीन डेकर के मुताबिक एक तीसरे पक्ष ने बिना किसी शर्त के आतंकी का आईफोन अनलॉक कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिका के न्याय विभाग ने कहा है कि तकनीकी कंपनी के साथ चल रही कानूनी लड़ाई अब खत्म हो गई है. एफबीआई से जुड़े अधिकारियों ने भी बताया है कि उन्हें एपल को दिया गया आदेश वापस लेने को कहा गया है. खबरों के मुताबिक इजरायल में साइबर सुरक्षा से जुडी कंपनी सेलीब्राईट ने इस मामले में एफबीआई की मदद की है.

बता दें कि नवंबर में कैलिफ़ोर्निया के सैन बर्नार्डिनो में रिजवान फ़ारूक़ और उसकी पत्नी तशफ़ीन मलिक ने एक चर्च पर हमला कर 14 लोगों की जान ले ली थी. पुलिस की कार्रवाई में ये दोनों भी मारे गए थे. इस हमले के बाद आईएस ने इन दोनों को अपना समर्थक बताया था. एफबीआई फ़ारूक़ के आईफोन का डेटा हासिल करना चाहती थी. लेकिन, उसका कहना था कि यदि इसे खोलने के लिए बार-बार गलत पासवर्ड डाला गया तो इसका डेटा डिलीट हो सकता है. इसी वजह से जांच एजेंसी ने एपल से एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने को कहा था जिसके जरिये आईफोन को पासवर्ड डाले बिना ही खोला जा सके. लेकिन, एपल ने ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा कि यदि वह नया ऑपरेटिंग सिस्टम बनाकर देती है तो इससे लाखों आईफ़ोन यूजर की सुरक्षा खतरे में पड़ जायेगी.

मिस्र के अगवा विमान में अभी भी आठ लोग बंधक, अपहरणकर्ता ने नई मांग रखी

साइप्रस में इजिप्ट एयर के अगवा विमान में अभी भी आठ लोग बंधक बने हुए हैं. अधिकारियों ने बताया है कि इन बंधकों में दो पायलट, तीन क्रू मेंबर्स और तीन यात्री शामिल हैं. खबरों के मुताबिक अब अपहरणकर्ता ने इन लोगों को छोड़ने के बदले मिस्र में कुछ महिला कैदियों की रिहाई की मांग की है. मिस्र के नागरिक विमानन मंत्री शेरीफ़ फाते ने बताया है कि आठ लोग अब भी विमान में मौजूद हैं जिन्हें छुड़ाने के लिए बातचीत हो रही है.

हालांकि, इससे पहले साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासिएद ने कहा था कि यह विमान अपहरण कोई आतंकवादी घटना नहीं है और अपहरणकर्ता साइप्रस में रह रही अपनी नाराज़ पत्नी से बात करना चाहता है. बता दें कि इजिप्ट एयर का विमान एमएस 181 अलेक्जेंड्रिया से काहिरा जाते वक्त अगवा कर लिया गया था. इसके बाद अपहरणकर्ता विमान को साइप्रस के लरनाका एयरपोर्ट पर लेकर गया था. लरनाका में उसने करीब 55 यात्रियों को रिहा कर दिया था. बाहर आए यात्रियों के मुताबिक विमान में सिर्फ एक अपहरणकर्ता है जिसने आत्मघाती जैकेट पहन रखी है.

भारतीय पादरी को आईएस ने फांसी पर चढ़ाया!

पिछले दिनों यमन के एक वृद्धाश्रम से अगवा किये गए भारतीय पादरी टॉम युझूनलिल को आतंकी संगठन आईएस ने फांसी दे दी है. ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के आर्कबिशप क्रिस्टोल स्कोनबोर्न ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि टॉम को गुडफ्राइडे के दिन फांसी दी गई है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया है कि उन्हें इस बात की सूचना कैसे मिली है. उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है. सरकारी सूत्रों के अनुसार अभी इस बारे में कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है. बता दें कि बेंगलुरु के रहने वाले फादर टॉम को बीते 4 मार्च को आईएस ने यमन के एक वृद्धाश्रम से अगवा कर लिया था.