आज देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंबेडकर के जन्मस्थल महू (मध्य प्रदेश) पहुंचे. यहां उन्होंने 'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान की शुरुआत की है. अपने भाषण में प्रधानमंत्री का कहना था कि जिसकी मां बचपन में बर्तन साफ करती हो, उसका बेटा अगर प्रधानमंत्री बना तो इसका श्रेय बाबा साहेब को जाता है. सोशल मीडिया पर यह बयान खासा चर्चित हो रहा है. यहां चुटकी लेते हुए कहा गया कि मोदी इंटरनेट से भी ज्यादा तेजी से कनेक्ट होते हैं.

डॉ अंबेडकर की विचारधारा राष्ट्रवाद की विरोधी थी इसलिए सोशल मीडिया आज राष्ट्रवाद पर भी बहस करता दिखा. वहीं एक प्रतिक्रिया यह भी आई कि सामाजिक बुराइयों को ख़त्म करने के लिए सबसे पहले हर मुद्दे को दलित मुद्दा बनाना छोड़ना होगा. सोशल मीडिया ने आज अंबेडकर को लेकर बदले हुए राजनीतिक सुरों पर भी जमकर तंज किया. आज हैशटैग ‘अंबेडकर जयंती’ और ‘जय भीम’ ट्रेंडिंग लिस्ट में रहे.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने आज एक साक्षात्कार में खुद पर हो रहे राजनीतिक हमलों का जवाब दिया है. वाड्रा ने कहा कि वे पहले से संपन्न हैं और उन्हें अपना जीवन सुधारने के लिए प्रियंका गांधी के नाम की जरूरत नहीं है. सोशल मीडिया पर रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान आज सुर्खियां बटोर रहा है. लोगों का कहना है कि अब जबकि कांग्रेस की सरकार ही नहीं है तो वाड्रा के लिए प्रियंका की जरूरत ख़त्म हो जाना स्वाभाविक है. सोशल मीडिया पर रॉबर्ट वाड्रा पर कई मनोरंजक टिप्पणियां भी की गई हैं. इस बहाने पिछली सरकार पर भी खूब निशाने साधे जा रहे हैं.

फिल्म ‘सचिन’ का टीज़र (पहली झलक) आज लॉन्च हुआ है. क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के जीवन पर बन रही यह फिल्म आज सोशल मीडिया पर चर्चा में रही. सोशल मीडिया पर हैशटैग ‘सचिन टीज़र’ टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक है. सचिन के प्रशंसकों का कहना है कि वे एक बार फिर से सचिन-सचिन के नारों की आवाज सुनने के लिए बेताब हैं. सोशल मीडिया पर आई एक टिप्पणी के अनुसार क्रिकेट के भगवान सचिन पारस पत्थर हैं और इस बार सिल्वर स्क्रीन सुनहरी होने वाली है.

स्वाति झा | fb/swati.jha.37853734

पार्टियां अम्बेडकर के बजाय संविधान पर इतनी श्रद्धा दिखातीं तो देश के हालात कुछ और होते

शिवांशु भारद्वाज | @ShivaBhar

आज अम्बेडकर जी की हालत उस अवैध जमीन की तरह हो गई है जिस पर हर कोई कब्ज़ा करना चाहता है... और केजरीवाल तो सीधे वहां धरना देने लगे .

इंडियन हिस्ट्री पिक्स | @indianhistorypics

1940 में भीमराव अम्बेडकर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए

शेखावाटी | ‏@kumawatrocky

प्रियंका गांधी के राजनीति में न आने की मुख्य वजह रॉबर्ट वाड्रा ही हैं. जिनके कारनामों की दास्तान प्रियंका गांधी का राजनैतिक भविष्य चौपट कर देगी.

सिमरण कौर | @simran_Gulabo

यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है. यह करोड़ों लोगों के लिए एक बार फिर से सचिन-सचिन पुकारने का मौका है. #सचिन टीज़र

अंशुल सक्सेना | @AskAnshul

रॉबर्ट वाड्रा को खुद की तरक्की के लिए प्रियंका की नहीं जमीन की जरूरत है. इसलिए वो चुनकर उन्हीं राज्यों में व्यवसाय करते हैं जहां कांग्रेस की सरकार होती है.