'वो चौड़े सीने वाले लोग, हम सिर झुकाकर काम करने वाले लोग हैं.'

— हरीश रावत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री

हरीश रावत का यह बयान उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद आया जिसमें उसने राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया है. यह आदेश केंद्र की भाजपानीत सरकार के लिए बड़ा झटका है. नैनीताल स्थित अदालत ने कहा कि राज्य में 18 मार्च से पहले की स्थिति बनी रहेगी. कांग्रेस के नौ विधायकों के बागी होने के चलते राज्य में पैदा हुई अस्थिरता के चलते राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी. हाई कोर्ट ने रावत को 29 अप्रैल को विधानसभा में बहुमत साबित करने का भी आदेश दिया है. कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करते हुए अदालत ने कहा कि उन्हें अपने किए की सज़ा भुगतनी होगी. रावत का कहना है कि 34 विधायक उनके साथ हैं. उधर, भाजपा का कहना है कि रावत सरकार अब भी अल्पमत में है.

'सेना में महिलाओं की तादाद बढ़ाने के लिए सरकार का आरक्षण का कोई इरादा नहीं है.'

— मनोहर पर्रिकर, रक्षा मंत्री

हालांकि पर्रिकर ने यह भी कहा है कि धीरे-धीरे सेना में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी. बुधवार को ही नौसेना में सात महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन दिया गया है. करीब 80 हजार की तादाद वाली नौसेना में सिर्फ 532 महिलाएं हैं. लगभग 13 लाख की संख्या वाली थलसेना के लिए यह आंकड़ा 1,436 है जबकि सवा लाख से ज्यादा वायुसेना में सिर्फ 1428 महिला अफसर हैं. वायुसेना और थल सेना में कुल 340 महिला अफसरों को ही अब तक परमानेंट कमीशन मिल पाया है वह भी अदालत के दखल के बाद. अब जिन महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन मिला है, वे कम से कम 20 साल तक नौकरी कर पाएंगी.


 'बैंकों को मेरी संपत्ति का ब्योरा मांगने का कोई हक नहीं.'

— विजय माल्या, कारोबारी

माल्या पर अलग-अलग बैंकों करीब नौ हजार करोड़ रु का बकाया है जिन्होंने इसे वसूल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है. करीब डेढ़ महीने पहले देश छोड़ चुके माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर यह भी पूछा है कि उनका पासपोर्ट क्यों निलंबित किया गया. माल्या ने कहा कि वे भागे नहीं हैं, लेकिन उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है. माल्या ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को बैंकों की याचिका खारिज करनी चाहिए, क्योंकि किसी भी कोर्ट ने बैंकों को कोई आदेश नहीं दिया है. माल्या ने हलफनामे में यह भी कहा है कि वे विदेशों में अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, क्योंकि एनआरआई के लिए यह जरूरी नहीं है.


‘मेटेरियल क्या होता है? यह बहस ही फालतू है इसलिए उसका जवाब देना जरूरी नहीं है.’ 

— रामविलास पासवान, केंद्रीय मंत्री

पासवान की यह प्रतिक्रिया तब आई जब पटना में एक आयोजन में पत्रकाओं ने उनसे पूछा कि क्या नीतीश कुमार ‘पीएम मेटेरियल’ हैं. पासवान ने कहा कि नीतीश पहले बिहार की कानून-व्यवस्था सुधारें. उन्होंने कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार को सत्ता में आए कुछ ही महीने हुए हैं और अब तक तीन दरोगाओं की हत्या हो चुकी है. हाल ही में नीतीश कुमार ने भाजपा के नारे ‘कांग्रेस मुक्त’ भारत के जवाब में ‘संघ मुक्त’ भारत का नारा दिया है. उन्होंने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले गैर भाजपाई दलों से एक होने की अपील की है. इसके बाद आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नीतीश कुमार के नाम की वकालत की थी. लालू ने कहा था कि अगर नीतीश उम्मीदवार बनते हैं, तो आरजेडी उनका समर्थन करेगा. उनके इस बयान का उनके बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने समर्थन किया था.


'बातचीत दिमाग से नहीं बल्कि दिल से हो रही है.'

— अजीत डोभाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

डोभाल ने यह बात बीजिंग में अपने समकक्ष यांज जिजी के साथ मुलाकात के दौरान कही. यह मुलाकात भारत-चीन सीमा वार्ता के 19वें दौर के तहत हुई. इस दौरान दोनों देशों ने जटिल सीमा विवाद हल करने और एक निष्पक्ष, तर्कसंगत और परस्पर स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए बातचीत कायम रखने पर सहमति जताई है. यह बातचीत ऐसे समय पर हुई जब भारत चीन से नाराज है. यह नाराजगी जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंध लगाने की उसकी कोशिशों में चीन की अड़ंगेबाजी के चलते हैं. दोनों सुरक्षा सलाहकारों ने 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया. सीमा निर्धारण दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव का विषय रहा है.