यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है. नाईक ने दावा किया है कि बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हारने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहीम की मदद ली थी. उन्होंने यह दावा हाल ही में आई अपनी किताब 'चरैवेती चरैवेती' में किया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नाईक ने कहा है कि गोविंदा के दोस्त दाऊद और हितेंद्र ठाकुर ने गोविंदा को उनके खिलाफ चुनाव जिताने के लिए वोटरों को धमकाया था. नाईक के मुताबिक, 'मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि गोविंदा ने चुनाव जीतने के लिए दाऊद और हितेन की मदद ली थी, हितेन बाद में विधायक भी बना था. इन दोनों ने वोटरों को गोविंदा के पक्ष में और मेरे विरोध में करने के लिए अपनी ताकत का इस्तेमाल किया था.'

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में पेट्रोलियम मंत्री रह चुके नाईक ने अपनी किताब में यह भी कहा है कि मुंबई उत्तर सीट पर लगातार तीन बार चुनाव जीतने के बाद महज 11,000 वोटों से मिली उस हार को स्वीकार करना उनके लिए काफी मुश्किल था. वहीं, गोविंदा ने नाईक के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने नाईक से अपील की है कि वे ऐसे गलत आरोप लगाकर उनकी छवि और उनके फ़िल्मी करियर को खराब न करें.

डीज़ल टैक्सी बैन : कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दो दिन की मोहलत दी

दिल्ली में डीजल टैक्सियों के बैन के बाद मचे हंगामे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार को कोर्ट ने समाधान निकालने के लिए दो दिन की मोहलत दी है. पीटीआई के अनुसार सुनवाई के दौरान सरकार के वकील ने दलील दी कि डीजल टैक्सियों पर रोक लगाने वाले कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली में क़रीब 30 हज़ार टैक्सियां एक साथ बंद हो गई हैं. इससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही डीजल टैक्सी चालकों के प्रदर्शन से दिल्ली में भारी जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है.

इसके बाद सरकार ने कोर्ट से अपील की कि उसे डीज़ल टैक्सियों पर पाबंदी को चरणबद्ध तरीक़े से लागू करने की इजाज़त दी जाए. इस पर कोर्ट ने सरकार से कहा कि आप हमें वह कारगर समाधान बताइए जिससे आप दिल्ली की सड़कों से डीजल टैक्सियों को धीरे-धीरे हटायेगे. इसके बाद सरकार ने कोर्ट से दो दिन का वक्त मांगा, जो कोर्ट ने उन्हें दे दिया.

तेंदुलकर ने ओलंपिक के लिए गुडविल एम्बैसडर बनने का निमन्त्रण स्वीकार किया

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने आगामी रियो ओलंपिक के लिए भारत का सद्भावना दूत (गुडविल एम्बैसडर) बनने के लिए हामी भर दी है. भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने सचिन को 29 अप्रैल को सद्भावना दूत बनने के लिए निमंत्रण भेजा था जिसे आज उन्होंने स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही तेंदुलकर अभिनेता सलमान खान और दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद ओलंपिक के सद्भावना दूत बनने वाले तीसरे व्यक्ति हो गए हैं.

आईओए ने 22 अप्रैल को सलमान खान को अपना सद्भावना दूत नियुक्त किया था. इसके बाद उसके इस फैसले पर पहलवान योगेश्वर दत्त और पूर्व धावक मिल्खा सिंह सहित कई खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई थी. इसके बाद हरकत में आए आईओए ने सद्भावना दूत के लिए बिंद्रा, तेंदुलकर और संगीतकार एआर रहमान से संपर्क किया था.