'आप युवा और ऊर्जावान हैं, अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन, आपको संक्षिप्त उत्तर देने चाहिए.' 

— सुमित्रा महाजन, लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ने यह नसीहत ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को तब दी जब वे प्रश्नकाल के दौरान बिजली संयंत्रों में पानी की कमी से संबंधित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे. इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उनके लंबे जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रश्नकाल के दौरान जवाब 'हां' या 'नहीं' में या फिर छोटे होने चाहिए. सपा सुप्रीमो का कहना था कि पहले लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान 15 से 16 प्रश्नों तक के उत्तर दे दिए जाते थे लेकिन, अब मंत्रियों के लंबे-लंबे जवाबों की वजह से कुछ ही प्रश्न उठ पाते हैं. लोकसभा अध्यक्ष ने इस पर सहमति जताई और कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्रियों को अपने जवाब संक्षिप्त रखने चाहिए ताकि बाकी सदस्यों को भी प्रश्न पूछने का अवसर मिल सके.

'हम पानी पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते.'

— सुरेश प्रभु, रेल मंत्री

रेल मंत्री का यह बयान केंद्र द्वारा बुंदेलखंड भेजी गई पानी की ट्रेन को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकार न करने से उठे विवाद के बीच आया है. राज्य सरकार ने इस मदद को ठुकराते हुए ट्रेन के बजाय 10 हजार खाली टैंकर भेजने का आग्रह किया है, ताकि बुंदेलखंड के जलाशयों से पानी लेकर संकटग्रस्त क्षेत्रों में भेजा जा सके. प्रदेश के जल संसाधन मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने सूखाग्रस्त बुंंदेलखंड को राहत पहुंचाने के लिये पानी के टैंकरों वाली ट्रेन भेजे जाने पर तंज करते हुए कहा कि बिन मांगे भेजे गये इस पानी को रखने के लिये कोई जगह नहीं है. उनका यह भी कहना था कि प्रदेश को बाहर से पानी मंगाने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक जब जरूरत होगी तो पानी मांगा जाएगा और कोई अगर इस तरह से पानी भेज देगा तो वे उसे कहां रखेंगे. खबर यह भी आ रही है कि झांसी रेलवे यार्ड में खड़ी वाटर ट्रेन के टैंकरों में पानी नहीं है जिसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने झांसी के डीएम को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं.


'हम किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना नहीं बना रहे हैं लेकिन, जब सौदे के लिए रिश्वत दी गई तो लेने वाले भी तो होंगे!'

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने यह बात अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाए जाने के आरोपों की प्रतिक्रिया में कही है. एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान जेटली ने कहा कि सरकार का इरादा सिर्फ सच्चाई को सामने लाने का है न कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा है. अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट करने के सवाल पर जेटली ने कहा कि यूपीए सरकार ने कभी अगस्ता को ब्लैकलिस्ट किया ही नहीं था. इस मसले पर सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष में बैठी कांग्रेस के बीच बीते कई दिनों से आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है. यह विवाद इटली की एक अदालत के उस हालिया फैसले के बाद शुरू हुआ जिसके मुताबिक 2010 में हुए 3600 करोड़ रु के इस सौदे में करीब 330 करोड़ की घूस दी गई. इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ जारी है.


'मुझे नहीं पता कि सरकार का इस कारोबारी घराने से क्या संबंध है. मैं यह भी नहीं जानता कि क्या वे एक दूसरे को जानते हैं लेकिन, प्रधानमंत्री के प्रत्येक विदेशी दौरे में इस समूह के मालिक गौतम अदाणी उनके साथ नजर आते हैं.'

— पवन वर्मा, जद(यू) सांसद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए वर्मा ने यह टिप्पणी राज्यसभा में की. वर्मा ने कहा कि देश में कॉरपोरेट घरानों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पांच लाख करोड़ रुपये का ऋण बकाया है. उनका यह भी कहना था कि इनमें से 1.4 लाख करोड़ रुपये जिन पांच कंपनियों पर हैं उनमें अडानी समूह भी शामिल है. वर्मा ने खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इस समूह पर करीब 72 हजार करोड़ रु का अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण है जो कि देश में सभी किसानों के सिर पर लदे कुल कर्ज के बराबर है. पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि गौतम अडानी की इस कंपनी को मोदी से अपनी निकटता का फायदा मिला है.


‘मुझे नहीं लगता कि हम डोनाल्ड ट्रंप जैसे बेलगाम व्यक्ति के हाथ में देश की कमान सौंपने का जोखिम ले सकते हैं.'

— हिलेरी क्लिंटन, डेमोक्रेटिक पार्टी से अमेरिका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दावेदार

हिलेरी ने यह बात रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कही. इस साल नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में मुकाबला काफी हद तक हिलेरी और ट्रंप के बीच ही रहने के आसार हैं. ट्रंप अपने विवादित बयानों के लिए काफी समय से सुर्खियां बटोर रहे हैं. कुछ समय पहले उनका वह बयान काफी सुर्खियों का विषय रहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मुस्लिमों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगना चाहिए. कल उन्होंने फिर कहा कि वे अपने उस बयान पर अब भी कायम हैं. हिलेरी ने ट्रंप को एक ऐसी तोप बताया है जो कभी भी मिसफायर कर सकती है. उनका यह भी कहना है कि ट्रंप की राजनीति विभाजनकारी और खतरनाक है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.