लंदन के मेयर सादिक खान ने रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें ट्रंप ने कहा था कि सादिक खान अगर अमेरिका आना चाहते हैं तो उन्हें एक अपवाद के तौर पर इसकी छूट दी जाएगी. ट्रंप इससे पहले कह चुके हैं कि मुसलमानों के अमेरिका में आने पर रोक लगा देनी चाहिए. सादिक ने अमेरिका के लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि यदि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो इससे अमेरिका और ब्रिटेन दोनों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो जाएगा. उन्होंने इसका कारण डोनाल्ड ट्रंप के इस्लाम विरोधी विचारों को बताया है.

सादिक़ ने डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा उन्हें अमेरिका में प्रवेश की छूट देने वाले बयान पर कहा, 'ये सिर्फ़ मेरी बात नहीं है. इसका लेना-देना मेरे दोस्तों, परिवार और उन सबसे है जो मेरी जैसी ही पृष्ठभूमि से आते हैं और दुनिया में कहीं भी रहते हैं.' इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने सादिक खान को लंदन का मेयर बनाए जाने पर खुशी जताते हुए कहा था कि अगर लंदन के नए मेयर कभी अमेरिका दौरे पर आते हैं तो वे उन्हें एक अपवाद के तौर पर देखेंगे. रिपब्लिकन खेमे से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दावेदार ट्रंप ने कुछ समय पहले बयान दिया था कि आतंकी हमलों को रोकने के लिए मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाना जरूरी है.

पाक के पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी का अगवा बेटा बरामद

तीन साल पहले अगवा किए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी के बेटे अली हैदर को अफ़गानिस्तान से बरामद कर लिया गया है. खबरों के मुताबिक अली को अफ़गान और अमेरिकी सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर गजनी प्रांत से बरामद किया. गिलानी ने इस पर ख़ुशी जताते हुए मीडिया को बताया कि आज सुबह उन्हें अफगानिस्तान के राजदूत ने फोन करके यह जानकारी दी है. वहीं, पाक विदेश मंत्रालय ने भी इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि अभी अफगानिस्तान में अली की मेडिकल जांच चल रही है जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा. अली हैदर को 9 मई, 2013 को मुल्तान से उस समय अगवा कर लिया गया था जब वे यहां के फारख इलाके में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करके वापस लौट रहे थे.

पनामा पेपर्स से जुड़े दो लाख से अधिक आंकड़े ऑनलाइन जारी

लॉ कंपनी मोसैक फोंसेका के दस्तावेज लीक करने वाले खोजी पत्रकारों के समूह (आईसीआईजे) ने इन दस्तावेजों से जुड़े दो लाख से अधिक आंकड़ों को ऑनलाइन जारी कर दिया है. आईसीआईजे ने बताया कि सोमवार रात को ऑनलाइन हुए इन आंकड़ों से करीब तीन लाख बीस हजार लोगों और उनकी फर्जी विदेशी कंपनियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है. साथ ही संस्था का कहना है कि इन दस्तावेजों से करीब दो हजार भारतीयों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. आईसीआईजे के उप निदेशक मरीना वाकर ग्वेरा ने एनबीसी न्यूज़ को बताया कि इस ऑनलाइन जानकारी में पिछले करीब 40 साल का ब्यौरा दिया गया है. इसमें दुनिया के 12 प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों और 128 बड़े नेताओं की फर्जी कंपनियों की जानकारी दी गई है.