एआईडीएमके प्रमुख जे जयललिता ने सोमवार को लगातार दूसरी बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. पद संभालते ही उन्होंने राज्य में शराब की 500 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया और शराब की दुकानें खोलने की समय सीमा भी कम कर दी. मुख्यमंत्री ने उन पांच योजनाओं पर भी हस्ताक्षर किए जिनका वादा अपने चुनावी घोषणपत्र में किया था. तमिलनाडु में अब शराब की दुकानें दोपहर 12 बजे से रात के 10 बजे तक ही खोली जा सकेंगी. इससे पहले यह समय दिन के 10 बजे से रात के 10 बजे तक था. जयललिता ने अपने चुनावी घोषणापत्र में चरणबद्ध तरीके से शराब पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. मौजूदा फैसला उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है.

किसानों को राहत देते हुए जयललिता ने 31 मार्च, 2016 तक बकाया कृषि ऋण को भी माफ करने की घोषणा की है. राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसानों की कर्ज माफी से खजाने पर 5780 करोड़ का बोझ पड़ेगा. एक अन्य फैसले के तहत उन्होंने सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की. इस फैसले से राज्य के तकरीबन 78 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होगा. सरकार ने पॉवरलूम इस्तेमाल करने वाले बुनकरों को 750 यूनिट बिजली मुफ्त देने का फैसला किया है. फिलहाल उन्हें 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाती है. स्वर्ण योजना के तहत गरीब लड़कियों की मदद के लिए दिए जाने वाले सोने की मात्रा भी चार से बढ़ाकर आठ ग्राम कर दी गई है.

भारत और ईरान में 12 समझौते

दो दिवसीय ईरान यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रुहानी से मुलाकात की. इस मौके पर दोनों मुल्कों ने आतंक, कट्टरपंथ, ड्रग तस्करी और साइबर अपराधों के विरुद्ध साझा कार्रवाई और आधारभूत ढांचों के विकास से संबंधित आपसी सहयोग के 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. दक्षिणी ईरान के बहुचर्चित चाबहार बंदरगाह के विकास पर दोनों देश सहमत हो गए हैं. भारत ने इस बंदरगाह के विकास के लिए 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का सहयोग देने का वादा किया हैं.

माना जा रहा है कि चाबहार बंदरगाह के निर्माण से भारत, ईरान और मध्य एशियाई देशों के ऊर्जा भंडार का आसानी से इस्तेमाल कर पाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस समझौते को मील का पत्थर करार दिया है. चाबहार बंदरगाह दक्षिणी ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान राज्य में है और भारत के लिहाज से इसकी सामरिक उपयोगिता भी है. इस बंदरगाह के जरिए भारत पाकिस्तान को 'बाईपास' करके आसानी से मध्य एशिया तक पहुंच जाएगा.

इसरो ने स्वदेश निर्मित स्पेस शटल लांच किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से स्वदेश निर्मित स्पेस शटल का सफल परीक्षण किया. इस शटल को रियूजेबल लांच व्हीकल टेक्नालॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर (आरएलवीटीडी ) नाम दिया गया है. इस स्पेस शटल को एक रॉकेट के जरिए ध्वनि से पांच गुना ज्यादा गति के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया. इसरो ने पहली बार इस तरह का परीक्षण किया है. स्पेस शटल की खासियत यह होती है कि रॉकेट के उलट इसे अंतरिक्ष अभियानों के लिए बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि यह एक डमी स्पेस शटल था जो अपने अंतिम संस्करण से करीब छह गुना छोटा है लेकिन, इसकी कामयाबी के बाद भारत अगले 10 से 15 साल के भीतर अपना स्पेस शटल बना सकता है. इसकी कीमत नासा के स्पेस शटलों के मुकाबले कहीं कम होगी.