भारतीय क्रिकेट क्रंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को जिंबाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया की घोषणा कर दी है. महेंद्र सिंह धोनी को एक दिवसीय और टी-20 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है. मुंबई में मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल की अध्यक्षता में हुई चयनकर्ताओं की बैठक के बाद टीम की घोषणा की गई है.

टीम इंडिया के वरिष्ठ खिलाड़ियों में विराट कोहली, शिखर धवन, रोहित शर्मा, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, अजिंक्य राहणे, हार्दिक पांड्या और उमेश यादव को आराम दिया गया है और कई नई चेहरों को टीम में जगह दी गई है. जिन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, उनमें हरियाणा के स्पिनर युजवेंदर चहल, ऑलराउंडर जयंत यादव, विदर्भ के बल्लेबाज फैज फैजल, पंजाब के बल्लेबाज मंदीप सिंह और कर्नाटक के करूण नायर प्रमुख हैं.

टीम इंडिया इस कैलेंडर वर्ष में 16 टी-20 और पांच एक दिवसीय मैच खेल चुकी है. सभी खिलाड़ी आईपीएल में भी खेल रहे हैं. इस साल तकरीबन 17 टेस्ट मैच भी खेले जाने हैं. बीसीसीआई ने क्रिकेट के इस अतिव्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए ही वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया है. जिम्बाब्वे दौरे पर भारत को तीन एक दिवसीय और तीन टी-20 मैच खेलने हैं.

एक दिवसीय और टी-20 की टीम इस प्रकार है - एमएस धोनी (कप्तान), केएल राहुल, फैज फजल, मनीष पांडेय, करूण नायर, अंबाती रायडू, ऋषि धवन, अक्षर पटेल, जयंत यादव, जसप्रीत बुमराह, बरिंदर श्रान, मनदीप सिंह, केदार जाधव, जयदेव उनाडकट और युजवेंदर चहल.

एवरेस्ट अभियान पर एक भारतीय पर्वतारोही की मौत, दो लापता

एवरेस्ट अभियान में एक भारतीय पर्वतारोही की मौत हो गई है, जबकि दो पर्वतारोही लापता हैं. अभियान के आयोजकों ने जानकारी दी है कि इस सीजन में अब तक पांच पर्वतारोहियों की मौत हो चुकी है. नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी ज्ञानेंद्र श्रेष्ठ ने जानकारी दी है कि भारतीय नागरिक सुभाष पॉल एवरेस्ट पर चढ़ाई अभियान के दौरान ही बीमार पड़ गए थे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा था इस बीच रविवार रात उनकी मौत हो गई.

एवरेस्ट की चोटी की ऊंचाई 8850 मीटर है और सुभाष ऐसे पांचवें पर्वतारोही हैं जिनकी इस कठिन चढ़ाई के दौरान मौत हुई है. वे और उनके तीन साथियों का पर्वतारोहण के दौरान शनिवार को अपने बेसकैंप से संपर्क टूट गया था. इनमें शामिल सुनीता हाजरा नाम की पर्वतारोही को बाद में ढूंढ़ लिया गया, हालांकि दो पर्वतारोही अब भी लापता हैं.

पिछले साल नेपाल में आए भयानक भूकंप के बाद एवरेस्ट पर पर्वतारोहण अभियानों को रद्द कर दिया गया था. भूकंप के बाद हुए हिमस्खलन में भी कम से कम 19 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी. वहीं इससे एक साल पहले बर्फीले तूफान में 16 शेरपाओं की मौत हुई थी.