'इस शख्स के पास कॉकरोच का दिमाग है. हंसी-मजाक हम सभी पसंद करते हैं. लेकिन, लता जी के अपमान को मजाक कैसे माना जाए?'

— जावेद अख्तर, गीतकार

जावेद अख्तर का यह बयान एआईबी कलाकार तन्मय भट्ट के विवादित वीडियो पर आया. उन्होंने कहा, 'यह बहुत घटिया है और बिल्कुल ही ध्यान देने लायक नहीं है.' तन्मय ने 'लता वर्सेज सचिन सिविल वॉर' नाम से फेसबुक पर एक वीडियो डाला था जिसमें लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर का मजाक उड़ाया गया था. इस विवादित वीडियो के लिए अन्य कलाकारों ने भी तन्मय की आलोचना की है. दिग्गज गायिका आशा भोसले ने कहा है कि उन्होंने न तो यह वीडियो देखा और न ही वे इसे देखना चाहती हैं. उन्होंने कहा, 'मैं इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना चाहती हूं, सिवाय इसके कि हम लोग एक ऐसी महिला (लता दीदी) की बात कर रहे हैं जिसने संगीत के जरिए लोगों को खुशी देने में अपने जीवन के 70-80 साल बिताए हैं.'

'नाइजीरियाई लोगों के व्यवहार से गोवा वासी खुश नहीं हैं.'

— लक्ष्मीकांत पर्सेकर, गोवा के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पर्सेकर ने यह बात गोवा में नाइजीरियाई लोगों के व्यवहार को लेकर कही. उन्होंने यह भी कहा कि गोवा सरकार उन विदेशी नागरिकों के लिए अलग अभिरक्षा केंद्र बनाने के लिए जमीन तलाश रही है जिन्हें उनके मूल देश भेजा जाना है. हाल ही में दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में अफ्रीकी मूल के लोगों पर हमले की घटनाओं को देखते हुए पर्सेकर के इस बयान पर विवाद छिड़ गया है. इससे पहले गोवा के पर्यटन मंत्री दिलीप परुलेकर ने कहा था कि नाइजीरियाई लोग कानूनी कमजोरी का लाभ उठाते हैं और खुद को जानबूझ कर आपराधिक मामलों में फंसाते हैं ताकि लंबे समय तक भारत में रुके रह सकें. भारतीय कानून में ट्रायल के दौरान या मामले का सार्थक परिणाम न आने तक विदेशी नागरिकों को उनके मूल देश वापस न भेजने का प्रावधान है.


'सहनशीलता के पारंपरिक मूल्य जरूरी हैं लेकिन, ये काफी नहीं हैं. अपने सोच और व्यवहार में हमें इससे आगे देखना होगा. बहुलता को सामाजिक मूल्य के रूप में अपनाना होगा.'

— हामिद अंसारी, भारत के उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यह बात मोरक्को की मोहम्मद वी यूनिवर्सिटी में दिए गए अपने संबोधन में कही. उन्होंने कहा, 'भारत में हम इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं. अभी यह नहीं कह सकते कि हम सफल हो गए हैं, लेकिन अपने प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम सही सोच वालों को इससे जुड़ने का न्यौता देते हैं.' 'एकॉमोडेटिंग डायवर्सिटी इन ग्लोबलाइजिंग वर्ल्ड: द इंडियन एक्सपीरियंस' विषय पर उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमान धार्मिक विविधता वाले समाज में पिछले एक हजार साल से ज्यादा समय से रह रहा है और आधुनिक भारत में अपनी धार्मिक पहचान के साथ संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है.


'हमारे प्रधानमंत्री का व्यवहार सबसे ज्यादा लोकतांत्रिक है और उन्हें शहंशाह कहना इस संस्था का अपमान है.'

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

जावड़ेकर ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की टिप्पणी के जवाब में कही. उन्होंने कहा, 'मीडिया कुछ सबूतों के साथ आरोप लगा रहा है, इसलिए लोगों के नामकरण की जगह पर पहले आपको इन आरोपों का जवाब देना चाहिए. आपको बताना चाहिए कि क्या हो रहा है, यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है.' मंगलवार को रायबरेली में केंद्र सरकार के दो साल के जश्न को लेकर सोनिया गांधी ने कहा था, ‘मैंने अपने जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा. प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री हैं न कि शहंशाह. ऐसे समय में जब पूरा देश सूखे की मार झेल रहा है और गरीबी से परेशान है, ऐसे आयोजन अनैतिक हैं.’ उन्होंने अपने परिवार पर लगाए जाने वाले आरोपों को साजिश बताया था और सरकार को सभी आरोपों की जांच कराने की चुनौती भी दी थी.


'यह भारत और ईरान दोनों के लिए बहुत महत्व का है. अमेरिका की जैसी भी आपत्ति हो, यह परियोजना जारी रहनी चाहिए.'

— एसले टेलिस, कार्नेगी इनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस संगठन से जुड़े विशेषज्ञ

टेलिस का यह बयान भारत-ईरान के बीच हालिया चाबहार पोर्ट समझौते पर आया. उन्होंने कहा कि कुछ सीनेटर्स को छोड़कर ओबामा प्रशासन ने इस समझौते पर कोई आपत्ति नहीं जताई है. टेलिस ने कहा, 'मैं नहीं समझता कि चाबहार पोर्ट में निवेश को लेकर ओबामा प्रशासन को किसी तरह की कोई शिकायत हो सकती है.' उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और मध्य एशिया से संपर्क के लिए पाकिस्तान से गुजरने वाले रास्ते का विकल्प तैयार करना भारत और ईरान दोनों के हित में है. तालिबानी नेता मुल्ला मंसूर को निशाना बनाकर पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले के मुद्दे पर टेलिस ने कहा, 'इससे पाकिस्तान को साफ संदेश गया है कि अगर इस्लामाबाद आगे बढ़कर अपनी भूमिका नहीं निभाता है, तो अमेरिका एकतरफा कार्रवाई कर सकता है.'