'वे चुनौती हैं. हमें उन्हें सीधे निशाने पर लेना होगा. जीएसपीसी घोटाले में मोदी ही मुद्दा हैं और यह 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला है.'

— जयराम रमेश, कांग्रेस के नेता

जयराम रमेश ने यह बात गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्पोरेशन (जीएसपीसी) में एक कथित घोटाले को मुद्दा बनाकर प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस पार्टी के सीधे हमले का समर्थन करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के वादों और आज की हकीकत में बहुत बड़ा अंतर आ चुका है. उन्होंने विपक्ष से प्रधानमंत्री के वादे और उस पर हुए काम के अंतर को अच्छी तरह भुनाने की अपील की. जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री पर बात करते हुए कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि वह एक ऐसी वैचारिक लड़ाई लड़ रही है जो पूरी तरह से विपरीत है. रमेश ने बीजेपी और सरकार के सभी फैसलों में पीएम मोदी के शामिल रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में बदलाव और आईआईटी की स्वायत्ता छीनने जैसे सभी फैसलों से मोदी को अलग मानने वाले गलत हैं. जीएसपीसी में 19,760 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप की न्यायिक जांच कराने के लिए पिछले महीने गुजरात कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से भी मिल चुका है.

'क्या आप भारत को सऊदी अरब बनाना चाहते हैं?'

— महेश भट्ट, फिल्म निर्माता

भट्ट ने यह बात आने वाली फिल्म उड़ता पंजाब पर हो रहे विवाद के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने से जुड़ी मुश्किलों में पिछले कई दशक में कोई बदलाव नहीं आया है. भट्ट ने कहा कि 1973 में भी उन्हें फिल्म को लेकर संघर्ष करना पड़ा था और आज भी यही हो रहा है. उड़ता पंजाब पर सेंसर बोर्ड के फैसले के खिलाफ फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने भट्ट सहित कई निर्माता-निर्देशकों के साथ आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में जितनी फिल्में ट्राइब्यूनल में गई हैं उतनी पहले कभी नहीं गईं. उधर, पहलाज निहलानी ने खुद पर लग रहे आरोपों से इनकार किया है. फिल्म में 89 कट्स की बात से इंकार करते हुए निहलानी ने कहा कि बेवजह का विवाद बनाया जा रहा है. सेंसर बोर्ड की एक कमेटी ने उड़ता पंजाब की 89 सीन और गानों पर एतराज जताया था. उसने फिल्म के टाइटल और पूरी फिल्म से पंजाब का जिक्र हटाने का भी आदेश दिया था. कमेटी के मुताबिक इससे पंजाब की छवि खराब होगी. फिलहाल फिल्म रिलीज होने पर संशय बना हुआ है. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होनी है.


'मैरिटल रेप पर हम कानून बना सकते हैं लेकिन, इससे कोई बदलाव नहीं आएगा क्योंकि कोई शिकायत कराने ही नहीं आएगा.' 

— मेनका गांधी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री

मेनका गांधी ने यह बात नई दिल्ली में महिला पत्रकारों की एक राष्ट्रीय कार्यशाला में कही. भारतीय समाज में मैरिटल रेप (पति द्वारा जबरन शारीरिक संबंध बनाना) की गंभीर समस्या को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए घरेलू हिंसा रोकने का कानून है जिसमें मैरिटल रेप से जुड़े मामले उठाने का प्रावधान शामिल है. मेनका गांधी ने कहा कि अभी तक इसके तहत एक भी मामला दर्ज नहीं कराया गया है. उनके मुताबिक भारत में ऐसा कोई भी कानून कारगर नहीं होगा क्योंकि महिलाएं शिकायत करने आगे नहीं आएंगी. उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का हवाला दिया जहां महिलाएं ऐसे दुष्कर्म की शिकायत करने के लिए आगे नहीं आती हैं. मेनका गांधी पहले भी इस मुद्दे को लेकर विवादित बयान दे चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैरिटल रेप को जिस तरह से समझा जा रहा है, ठीक उसी तरह से इसे भारत में लागू करना संभव नहीं है क्योंकि भारत में विवाह को संस्कार माना जाता है.


'अरुण जेटली के साथ कभी कोई गंभीर असहमति नहीं रही.'

— रघुराम राजन, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर

राजन का यह बयान एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में वित्त मंत्री जेटली के साथ रिश्तों को लेकर आया. दूसरे कार्यकाल की अटकलों पर उन्होंने कहा, 'मैं न तो इसकी पुष्टि कर सकता हूं और न ही इससे इनकार. जैसा कि वित्त मंत्री ने कहा है कि घोषणा होने तक का इंतजार करना चाहिए. मेरा कार्यकाल अभी चार सितंबर तक है, तब तक घोषणा हो जाएगी.' आगामी योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे काफी समय से पढ़ने-पढ़ाने के लिए अकादमिक क्षेत्र में वापस लौटने की सोच रहे हैं. हाल में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से पूरी तरह भारतीय न होने के आरोप पर राजन ने कहा कि कुछ ऐसे आरोप होते हैं, जो पूरी तरह गलत और आधारहीन होते हैं. उन्होंने नीतियों को लेकर निजी हमले करने की जगह सही आलोचना का स्वागत करने की बात कही. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्वामी ने राजन पर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले करने का आरोप लगाया था और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी.


'अगर वे (आतंकी) समझते हैं कि वे बांग्लादेश को पीछे ले जाएंगे तो वे गलत हैं. उन्हें बांग्लादेश की धरती पर न्याय का सामना करना होगा और उनके आका भी नहीं बख्शे जाएंगे.'

— शेख हसीना, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

शेख हसीना का यह बयान बांग्लादेश में बढ़ती आतंकी वारदातों पर आया. उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाया जाएगा. मंगलवार को वहां एक हिंदू पुजारी की चाकू मार कर हत्या कर दी गई थी. इस घटना की जिम्मेदारी आईएस ने ली है. हसीना ने कहा कि आतंकियों ने पहले भी मस्जिद, मंदिर, पैगोड़ा और विश्वविद्यालयों में अध्यापकों पर हमले किए हैं लेकिन, अब वे पुलिस अधिकारियों के परिजनों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले आतंकवादी भूल रहे हैं कि उनके भी परिवार हैं, जो इन हरकतों से प्रभावित होते हैं. मंगलवार सुबह पुलिस की छापेमारी में जमात-उल- मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के तीन आतंकी मारे गए थे, जबकि एक अन्य आतंकी को उत्तर पश्चिम बोगरा में मार गिराया गया था. पिछले दो दिनों में बांग्लादेश में आतंकियों ने तीन लोगों की हत्या की है. रविवार को एक ईसाई दुकानदार की हत्या कर दी गई थी. इसी दिन संदिग्ध आतंकियों ने आतंकरोधी अभियान में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की पत्नी की भी हत्या कर दी. इस साल किसी हिंदू पुजारी को निशाना बनाने की यह दूसरी घटना है.