तेलअवीव में हुई गोलीबारी की कीमत हजारों फिलिस्तीनियों को चुकानी पड़ी है. इजरायल ने गुरुवार को तिरासी हजार फिलिस्तीनी नागरिकों के इजरायल में प्रवेश के लिए दिए गए परमिट स्थगित कर दिए हैं. इजरायल सरकार ने यह कदम बुधवार को अपने शहर तेलअवीव में हुई गोलीबारी की घटना की प्रतिक्रिया में उठाया है.

इजरायली सेना के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कारणों से फिलिस्तीनियों के परमिट रद्द करने का निर्णय लिया है. पिछले दिनों इजरायल ने गाजापट्टी के सैकड़ों लोगों को रमजान के दौरान अपने रिश्तेदारों से मिलने और पवित्र स्थानों में जाने के लिए विशेष परमिट दिया था.

बता दें कि बुधवार रात तेल अवीव शहर में गृहमंत्रालय के नजदीक स्थित बाजार में तीन बंदूकधारियों ने अचानक अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं जिसमें चार लोग मारे गए थे. हालांकि, पुलिस ने इन तीनों पर जल्द काबू पा लिया था. इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन, फिलिस्तीनी आतंकी संगठनों के द्वारा इसकी प्रशंसा की गई थी. इजरायली मीडिया के अनुसार, प्रवेश परमिट पाने वाले करीब 250 फिलिस्तीनी एक हमलावर के रिश्तेदार हैं.

रूस की मारिया शारापोवा पर दो साल का प्रतिबंध लगा

दुनिया की पूर्व नंबर एक टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा को डोपिंग मामले में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय टेनिस संघ (आईटीएफ) ने उन्हें प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाते हुए उनपर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, इस मामले की जांच करने वाले ट्राइब्यूनल ने माना है कि शारापोवा ने इन दवाओं का सेवन जानबूझकर नहीं किया था. वहीं, पांच बार की ग्रैंड स्‍लैम विजेता शारापोवा ने कहा है, 'ट्राइब्यूनल ने मुझ पर गैर इरादतन ऐसा करने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया है जो गलत है, इसलिए मैं इस प्रतिबंध के खिलाफ खेल पंचाट में अपील करूंगी.'

इस वर्ष जनवरी में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने शारापोवा के प्रतिबंधित पदार्थ मेल्‍डोनियम का सेवन करने की पुष्टि की थी जिसके बाद मार्च में उनपर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया गया था. हालांकि, शारापोवा ने अपनी दलील में कहा था कि वे स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से 2006 से ही यह दवा ले रही हैं और उन्हें नहीं पता था कि इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वाडा के नियमों के मुताबिक हृदय रोग से संबंधित इस दवाई पर एक जनवरी 2016 से प्रतिबंध लगा है.

2030 तक एड्स को खत्म करेंगे : यूएन

संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) ने एचआईवी को 2030 तक खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. बुधवार को यूएन की संस्था यूएनएड्स की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है. बैठक में इस लक्ष्य को लेकर एक घोषणा-पत्र भी जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि वर्ष 2030 तक इस महामारी को खत्म कर दिया जाएगा जबकि 2020 तक दुनिया के तीन करोड़ एचआईवी पीड़ितों को पर्याप्त इलाज मुहैया करा दिया जाएगा.

इस दौरान यूएन प्रमुख बान की मून ने सभी सदस्य देशों को आगाह करते हुए कहा कि अभी एड्स खत्म नहीं हुआ है लेकिन अगर इस बीमारी को गंभीरता से लिया गया तो अगले पांच सालों में इसकी रोकथाम की जा सकती है. उन्होंने इस मामले में पिछले वर्षों में हुई प्रगति पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि पिछले पंद्रह सालों में हमने इतनी प्रगति कर ली है कि आज एक करोड़ सत्तर लाख एचआईवी मरीजों को जीवन रक्षक उपचार प्राप्त हो रहा है.