‘यह मुद्दा काल्पनिक और निराधार है. मैं किसी दौड़ में शामिल नहीं हूं.’

— राजनाथ सिंह, गृहमंत्री

गृहमंत्री सिंह ने यह बात उत्तर प्रदेश में उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर कही. उन्होंने कहा, ‘पार्टी के स्तर पर अभी तक ऐसी कोई चर्चा नहीं है लेकिन, पार्टी कोई जिम्मेदारी देती है तो मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा.’ गुरुवार को ऐसी खबरें आई थीं कि भारतीय जनता पार्टी असम चुनाव की तर्ज पर उत्तर प्रदेश चुनाव में भी दमदार चेहरे के साथ मैदान में उतरने की योजना बना रही है और इस लिहाज से राजनाथ सिंह के नाम पर प्रमुखता से विचार किया जा सकता है. रविवार से इलाहाबाद में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो रही है. उत्तर प्रदेश के चुनाव के लिहाज से इसे काफी अहम माना जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा हो सकती है. हालांकि इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का कहना था, ‘सिंह केंद्रीय मंत्री होने के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय संसदीय समिति के सदस्य हैं. मुख्यमंत्री प्रत्याशी का नाम तय करने का काम राष्ट्रीय नेताओं का है. इसमें राज्य इकाई की कोई भागीदारी नहीं होगी.’

‘हमारे प्रधानमंत्री खुद को प्रधान सेवक बताते हैं. मैं नहीं समझता कि प्रधानसेवक को चमचों की जरूरत होती है.’

— रविशंकर प्रसाद, दूरसंचार मंत्री

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी की टिप्पणी पर आया. प्रसाद ने कहा कि ऐसे बयानों से बचा जाना चाहिए. फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का नाम बदलने और इसके कई सीन काटे जाने जैसे सेंसर बोर्ड के सुझावों को लेकर फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने कहा था कि यह सब राजनीति से प्रेरित है. इसके जवाब में निहलानी ने बुधवार को कहा था, ‘हां, जैसा कि अनुराग कश्यम ने कहा है, मैं नरेद्र मोदी का चमचा हूं. मुझे मोदी का चमचा होने पर गर्व है. इसकी जगह पर क्या मुझे इटली के प्रधानमंत्री का चमचा होना चाहिए?’ निहलानी के भाजपा समर्थक होने की वजह से इस विवाद में दूसरे राजनीतिक दल भी उतर आए हैं. आम आदमी पार्टी ने भाजपा के इशारे पर फिल्म के सीन हटाने का आरोप लगाया था जिसके जवाब में निहलानी ने कहा था कि फिल्म में आम आदमी पार्टी का पैसा लगा है. पंजाब में भाजपा के सहयोग से अकाली दल की सरकार चल रही है जहां अगले साल चुनाव होने हैं.


‘उम्मीद है कि रेलवे में 2020 तक टिकट की मांग पूरी कर लेगा. हालांकि जनसंख्या और रेलवे पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए यह काफी चुनौती भरा है.’

— सुरेश प्रभु, रेल मंत्री

रेल मंत्री ने एक निजी सामाचार चैनल से बातचीत में रेल सुधारों के सिलसिले में कही. उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की सेवा और गुणवत्ता को सुधारने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. रेल मंत्री का कहना था, ‘आने वाले दिनों में तकनीकी को ज्यादा से ज्यादा सुधारा जाएगा ताकि रेलवे की संचार प्रणाली को व्यवस्थित किया जा सके.’ मुंबई-अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन को लेकर उन्होंने कहा, ‘इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा और व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी. बुलेट ट्रेन में दुनिया की बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जिसके लिए जापान के साथ समझौता किया गया है.’ हाल में ऐसी खबरें आई हैं कि महाराष्ट्र सरकार ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना में मुंबई स्टेशन के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया है. इस मामले में राज्य सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन का मामूली हिस्सा ही आएगा जबकि इससे खजाने पर बहुत ज्यादा बोझ पड़ेगा जो न्यायसंगत नहीं है.


‘भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में हम अच्छा काम कर रहे थे लेकिन, मोदी ने एसीबी पर कब्जा करने के लिए अर्द्धसैनिक बल भेज दिए.’

— अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री केजरीवाल का यह बयान विधानसभा में एक भाजपा विधायक की ओर से कांग्रेस शासन में टैंकर घोटाले के आरोपों की जांच कराने की मांग पर आया. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के समय हुए घोटालों पर कुछ नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि एंटी करप्शन ब्रांच का नियंत्रण उनके हाथ में नहीं है. एसीबी पर नियंत्रण को मुद्दा बनाते हुए केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस पर एक साथ निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘सभी जानते हैं कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस की मिली-भगत है. दोनों पति और पत्नी की तरह हैं.’ वैसे केजरीवाल ने कुछ दिन पहले भी यही बयान दिया था. कथित टैंकर घोटाले की जांच की मांग को लेकर उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के बीच भी कहा-सुनी हो गई. सिसोदिया ने पूछा कि भाजपा इस मामले की शिकायत उप-राज्यपाल से क्यों नहीं कर रही है?


‘उनसे (हिलेरी क्लिंटन) मुलाकात को लेकर काफी उत्सुक हूं ताकि हम डोनाल्ड ट्रंप को हराने और एक ऐसी सरकार बनाने पर विचार कर सकें जो हम सबका प्रतिनिधित्व करती हो न कि एक फीसदी लोगों का.’

— बर्नी सेंडर्स, डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल रहे उम्मीदवार

सेंर्डस ने यह बात डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन का समर्थन करते हुए कही. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात करने के बाद सेंडर्स ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका का राष्ट्रपति बनना खतरनाक होगा. उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि किसी भी सूरत में ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति न बन सकें. मुस्लिमों के अमेरिका में घुसने पर रोक लगाने सहित कई विवादित बयान दे चुके ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार हैं. हिलेरी क्लिंटन के समर्थन में सेंडर्स के आने से पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा और उपराष्ट्रपति जिओ विडेन ने भी उन्हें अपने समर्थन की घोषणा की है. व्हाइट हाउस से जारी वीडियो में ओबामा ने हिलेरी के औपचारिक समर्थन का ऐलान किया है. वे उनके पक्ष में 15 जून को विस्कॉसिन से प्रचार की भी शुरुआत करेंगे.