‘अलगाववादी पाकिस्तानी एजेंट हैं. वे पाकिस्तान से पैसे लेते हैं और उनके निर्देश पर काम करते हैं.’

— रवींद्र रैना, भाजपा नेता और विधायक

रैना ने यह बात जम्मू-कश्मीर में सैनिक कॉलोनी के मुद्दे पर अलगाववादियों की एक बैठक के सिलसिले में कही. कश्मीर में आतंकवाद के लिए अलगाववादियों को जिम्मेदार ठहराते हुए रैना ने कहा, ‘जहां तक अलगाववादियों का सवाल है तो लाखों लोगों की जान लेने वाले आतंकवाद को पैदा करने के लिए यही अलगाववादी ही जिम्मेदार हैं. यदि कश्मीरी पंडित कश्मीर में लौटते हैं तो कौन दुखी होगा? कोई कश्मीरी नहीं, बल्कि पाकिस्तानी दुखी होगा.’ उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोग अलगाववादियों की बातों पर ध्यान नहीं देते इसलिए अलगाववादी विफल साबित हो रहे हैं और अब उनकी कोई साख नहीं बची है. सैनिक कॉलोनी को लेकर रविवार को श्रीनगर में हुई बैठक से पहले अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख को घर में ही नजरबंद कर दिया गया था. हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों धड़े और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट घाटी में सैनिकों और कश्मीर पंडितों के लिए अलग से कॉलोनी बनाने का विरोध कर रहे हैं. राज्य सरकार ने दोहराया है कि राज्य में सैनिक कॉलोनी बनाने की कोई योजना नहीं है.

‘उन्हें संस्कृत थोपने का काम रोक देना चाहिए, नहीं तो ये लोग राज्य में हिंदी-विरोध जैसे ही एक और आंदोलन के लिए जिम्मेदार होंगे.’

— एम करुणानिधि, डीएमके अध्यक्ष

करुणानिधि का यह बयान तमिलनाडु के स्कूलों के लिए एक वैदिक अध्ययन बोर्ड बनाने की खबरों पर आया. उन्होंने कहा कि राज्य में संस्कृत को थोपा जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तमिल भाषा को खत्म करने के लिए राज्य सरकार की मदद से संस्कृत को बढ़ावा दिया जा रहा है. राज्य के लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु के लोगों को संस्कृत थोपे जाने के खिलाफ संघर्ष के लिए अपने को तैयार करना होगा.’ इससे पहले करुणानिधि ने संस्कृत को बढ़ावा देने की कोशिशों को केंद्र की ओर से हिंदुत्व राजनीति को आगे बढ़ाने की नीति बताया था. उन्होंने केंद्र सरकार संस्कृति के नाम पर संस्कृत को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुकता दिखाने जबकि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं को संघ की आधिकारिक भाषा घोषित करने की पांच दशक पुरानी मांग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था. पिछले साल भी सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में ‘संस्कृत सप्ताह’ मनाने और संस्कृत को तीसरी वैकल्पिक भाषा बनाने का विरोध हुआ था.


‘अगर खबर पसंद न आए तो संदेशवाहक को गोली न मारें.’

— शत्रुघ्न सिन्हा, जाने माने अभिनेता और भाजपा सांसद

शॉटगन नाम से चर्चित सिन्हा का यह बयान उड़ता पंजाब फिल्म से जुड़े विवाद में सेंसरबोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी के बचाव में आया. उन्होंने कहा, ‘जो फिल्म निर्माता उन पर हमले कर रहे हैं वे भूल गए कि नियम कानून उन्होंने नहीं बनाए. वे केवल सरकार की बनाए दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं.’ सिन्हा का कहना था कि वे (निहलानी) केवल अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और लोगों को सरकार से गाइडलाइन में बदलाव की मांग करनी चाहिए. निहलानी का पक्ष लेने के साथ सिन्हा ने अनुराग कश्यप को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं अनुराग कश्यम को संवेदनशील फिल्मकार मानता हूं. अगर उड़ता पंजाब फिल्म नशे पर केंद्रित है तो मेरा भरोसा है कि यह गंभीर प्रयास है.’ आज बॉम्बे हाईकोर्ट से महज एक कट के साथ उड़ता पंजाब फिल्म को मंजूरी मिल गई है जबकि सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 89 सीन काटने का निर्देश दिया था.


‘कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने साफ कर दिया कि उसे 1984 दंगा पीड़ितों की कोई परवाह नहीं है.’

— एचएस फुल्का, वरिष्ठ वकील व आप नेता

फुल्का का यह बयान कमलनाथ को कांग्रेस में महासचिव बनाने और पंजाब का प्रभारी नियुक्त करने पर आया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस फैसले ने बता दिया है कि उसे न तो पंजाब की चिंता है और न ही देश में कानून को मानने वाले लोगों की परवाह, उसे सिर्फ धन बल और बाहुबल वाले लोग पसंद हैं. फुल्का ने कहा कि कमलनाथ वही व्यक्ति हैं जिन्होंने एक नवंबर 1984 को गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की ओर बढ़ रही उस भीड़ की अगुवाई की थी जिसने गुरुद्वारे को आग लगा दी थी. आम आदमी पार्टी के पंजाब संयोजक सुच्चा सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने सिख दंगों के आरोपी कमलनाथ को प्रभारी बनाकर सिखों के जख्मों पर नमक छिड़का है जिसके लिए पंजाब की जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी. कांग्रेस ने रविवार को तीन राज्यों में अपने नेतृत्व में बदलाव किया है. गुलाम नबी आजाद को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है जबकि कमलनाथ को पंजाब और हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी गई है.


‘ऑरलैंडो नाइटक्लब की घटना के बाद अमेरिका को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर देनी चाहिए.’

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार

ट्रंप का यह बयान ऑरलैंडो नाइटक्लब में आईएस समर्थक एक बंदूकधारी की ओर से 50 लोगों को गोली मारने की घटना पर आया. अफगानी मूल के इस अमेरिकी नागरिक के हमले में 58 लोग घायल भी हुए हैं. ट्रंप ने मुस्लिम समुदाय को दोषी ठहराते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों की जानकारी नहीं देते हैं. अपने मुस्लिम विरोधी बयानों को लेकर खासे विवाद में रहे ट्रंप ने अमेरिका में मस्जिदों की निगरानी करने की बात की. इसके जवाब में डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने कहा, ‘अमेरिका अपनी मुस्लिम आबादी को किसी तरह नुकसान पहुंचाए बगैर देश की सुरक्षा देने में सफल होगा.’ इसे अमेरिका के अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी गोलीबारी कहा जा रहा है.