‘दिल्ली में सब हो रहा है, बस काम नहीं हो रहा.’

— शीला दीक्षित, पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली

पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान दिल्ली सरकार में आए दिन होने वाले विवादों पर आया. इन दिनों आप सरकार संसदीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर विवादों घिरी है. इस पर शीला दीक्षित ने कहा, ‘कांग्रेस सरकार के समय भी संसदीय सचिवों की नियुक्ति हुई थी. लेकिन, उनकी संख्या एक या दो थी. इसके लिए केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति ली गई थी. आप सरकार ने ऐसा नहीं किया है. पहले नियुक्ति की है और बाद में अनुमति मांग रही है.’ दिल्ली सरकार ने 21 आप विधायकों को संसदीय सचिव बना दिया था जिसे ‘लाभ का पद’ माना जाता है. इसके बाद उसने संसदीय सचिव पद को लाभ के पद के दायरे से बाहर करने संबंधी एक विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था. लेकिन राष्ट्रपति ने इसे लौटा दिया. राष्ट्रपति के इस फैसले से 21 आप विधायकों की सदस्यता खतरे में पड़ गई है. इसको लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली की हार नहीं पचा पा रहे हैं. इसके जबाव में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि ‘आप’ पार्टी का मतलब ‘आरोप अपशब्द पार्टी’ है.

‘इन कोशिशों के बाद भी अगर महंगाई बढ़ती है तो यह केंद्र की जिम्मेदारी नहीं है. संघीय ढांचे में कीमत रोकने में राज्य बराबर के भागीदार हैं.’

— रामविलास पासवान, केंद्रीय खाद्य मंत्री

खाद्य मंत्री पासवान का यह बयान दालों की बढ़ती कीमत के लिए केंद्र को दोषी बताने पर आया. नेशनल को-ऑपरेशन कंज्यूमर्स फेडरेशन की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मोबाइल वैन से 120 रुपये किलो की दर से अरहर दाल की बिक्री शुरू हुई. इस योजना का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा, ‘हमने बफर स्टॉक बनाया और राज्यों से खुदरा वितरण के लिए अपनी जरूरतें बताने को कहा. लेकिन, कई राज्यों ने इसमें कोई दिलचस्पी ही नहीं दिखाई.’ उन्होंने कहा कि वस्तु और सेवाकर विधेयक पारित होने के साथ नेशनल कॉमन एग्रीकल्चर मार्केट तैयार होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी के काफी हद तक काबू में आने की उम्मीद है. बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकारों की गंभीरता के दावे के बावजूद देश के कई हिस्सों में अरहर दाल 170 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. दाल और सब्जियों की कीमत में उछाल की वजह से मई में खुदरा महंगाई ने पिछले 21 महीने का उच्चतम आंकड़ा छू लिया है. बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मसले पर एक उच्चस्तरीय बैठक भी की है.


‘अलगाववाद और सांप्रदायिकता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं क्योंकि ये क्षेत्र, समाज और अंत में देश का बंटवारा कर देते हैं.’

— महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह बात जम्मू यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए कही. विश्वविद्यालयों को भविष्य के नेताओं की नर्सरी बताते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें समाज से मिलने वाले मूल्यों को याद रखना होगा और इस मामले में जम्मू मेरे राज्य की सबसे ज्यादा धर्मनिरपेक्ष जगह है.’ उन्होंने कहा कि घाटी में आतंकवाद शुरू होने पर जम्मू ने कश्मीरी पंडित और मुसलमान दोनों को खुले दिल से अपनाया था. मुफ्ती ने कहा कि राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना छात्रों का अधिकार है लेकिन, इन्हें अलगाववादियों के हाथों का खिलौना नहीं बनने देना चाहिए. महबूबा का यह बयान तब आया है जब राज्य में अलगाववादियों ने अनंतनाग उपचुनाव का बहिष्कार करने की अपील की है. उधर, इस अपील को माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘चुनाव बहिष्कार की अपील में कुछ भी नया नहीं है. हम इसे 1996 से देखते आ रहे हैं. लोगों ने कई बार ऐसी अपीलों को ठुकराया है. चाहे वह पंचायत चुनाव हो या हालिया विधानसभा या संसद का चुनाव.’ उन्होंने लोगों से चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की.


‘ भारत में एक साथ बहुत सी बातें होती हैं जो समस्या की जड़ है, न कि रघुराम राजन.’

— अरुण शौरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री

शौरी का यह बयान महंगाई के लिए आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को दोषी बताने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हर कोई कह रहा है कि उन्होंने (राजन) ब्याज दरों को ऊंचा रखा है. लेकिन, संसद का क्या जिसने कानून पारित करके कहा है कि मौद्रिक नीति का उद्देश्य महंगाई नियंत्रित करना और उसका लक्ष्य तय करना है? यही असल समस्या है.’ उन्होंने कहा कि राजन को दोषी नहीं ठहराना चाहिए क्योंकि वे चार से पांच उपायों के जरिये महंगाई रोकने का अपना काम कर रहे हैं जिन्हें संसद ने बनाया है. राजन के दूसरे कार्यकाल पर उन्होंने कहा, ‘राजन रहेंगे या जाएंगे, इसकी जानकारी मुझे सबसे अंत में होगी. लेकिन, जहां तक उनकी पेशेवर क्षमता का सवाल है, मैं नहीं समझता कि उस पर कभी भी किसी तरह से संदेह किया जा सकता है.’ शौरी ने कहा कि सरकार राजन की जगह जिस भी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करेगी, उससे सरकार की क्षमता का पता चलेगा. राजन का कार्यकाल चार सितंबर को समाप्त हो रहा है.


‘इस्लामिक स्टेट ने पूरी दुनिया को युद्ध क्षेत्र बना लिया है.’

— रिचर्ड बर्र, अमेरिकी सीनेटर

रिचर्ड बर्र का यह बयान ऑरलैंडो में हुई गोलीबारी की घटना के तार आईएस से जुड़ने पर आया. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका एक खुला समाज है. हम अपनी आजादी और विविधता को महत्व देते हैं. हमारी स्वतंत्रताओं का दुरुपयोग करके आईएस अपनी बढ़त बनाने के लिए भ्रमित लोगों को आकर्षित कर रहा है जो ऐसे घिनौने कृत्य कर सकें.’ उन्होंने आरोप लगाया कि आईएस सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों से दुनिया के दूसरे हिस्सों में हमलों के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है. इस बर्बर संगठन का मुकाबला सख्ती से करने की सलाह देते हुए बर्र ने कहा, ‘आप ऐसे लोगों से सुलह-समझाइश की उम्मीद नहीं कर सकते जो आपको मारना चाहते हों. ऑरलैंडो में एक गे-नाइट क्लब में हुई गोलीबारी में 50 लोगों की मौत हो गई थी. हमलावर ने खुद को आईएस का समर्थक बताया था. इसे अमेरिका पर 9/11 के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.