बिहार परीक्षा घोटाले के सामने आने के बाद पिछले हफ्ते गिरफ्तार की गई छात्रा रूबी राय ने पुलिस को कई अहम बातें बताई हैं. रूबी ने पूछताछ के दौरान बताया है कि परीक्षा से पहले उसके पिता अवधेश राय ने उससे कहा था कि वह परीक्षा को लेकर चिंता न करे, वे उसके रिजल्‍ट का पूरा ध्‍यान रखेंगे. जांच दल के अनुसार रूबी ने उसे यह भी बताया कि वह तो केवल सेकंड डिवीजन (द्वतीय श्रेणी) में परीक्षा पास करना चाहती थी और उसने कभी नहीं सोचा था कि वह टॉप करेगी'.

बिहार में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली रूबी राय को पुलिस ने बीते शनिवार को बोर्ड की तरफ से आयोजित री-टेस्‍ट परीक्षा के बाद गिरफ्तार कर लिया था. बताया जाता है कि इस री-टेस्‍ट और साक्षात्कार में रूबी एक भी सवाल का सही जवाब नहीं दे पाई जिसके बाद दूसरे स्थान पर रहने वाली छात्रा कृति भारती को बिहार की 12वीं की परीक्षा का टॉपर घोषित किया गया है.

इस महीने की शुरुआत में यह घोटाला खुलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक एसआईटी का गठन किया था जिसने इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद को लिप्त पाया था. पिछले हफ्ते एसआईटी ने लालकेश्वर प्रसाद को बनारस से गिरफ्तार किया था. एसआईटी की जांच में पाया गया था कि प्रसाद छोटे-छोटे माफियाओं के जरिये पूरे प्रदेश में परीक्षा का रैकेट चलाते थे. इसमें छात्रों से पैसे लेकर उन्हें खुलेआम नकल करने के साथ-साथ उनकी जगह दूसरे छात्रों को परीक्षा देने तक की सुविधा दी जाती थी. बताया जाता है कि रूबी के पिता भी ऐसे ही एक माफिया के संपर्क में थे.

भारत को चीन और पाक से पहले एमटीसीआर की सदस्यता मिली

भारत को एनएसजी न सही, लेकिन मिसाइल तकनीकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) की पूर्ण सदस्यता हासिल हो गई है. सोमवार को दिल्ली में फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में विदेश सचिव एस जयशंकर ने एमटीसीआर की सदस्यता से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत एमटीसीआर में एक सदस्य के रूप में शामिल हो गया है.

दरअसल, एमटीसीआर 35 देशों का एक समूह है जिसका लक्ष्य मिसाइल तकनीक और मानव रहित विमान (ड्रोन) जैसे उपकरणों के प्रसार पर नियंत्रण रखना है. इसकी सदस्यता मिलने का मतलब है कि अब भारत अत्याधुनिक मिसाइलों की खरीद-बिक्री कर सकेगा.

भारत पहली बार किसी बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में शामिल हुआ है. इससे पहले पिछले हफ्ते ही वह परमाणु तकनीक और ऊर्जा के निर्यात पर नियंत्रण से संबंधित न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में शामिल होने में असफल रहा था. गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान और चीन अभी तक एमटीसीआर का हिस्सा नहीं बन पाए हैं.

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने की घोषणा इसी हफ्ते

भारत सरकार जल्द अपने कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत सरकार इसी हफ्ते सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा कर सकती है. सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा और उनका भुगतान करीब 23.5 फीसदी बढ़ जाएगा.

खबरों के अनुसार, कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप दी है जिसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाना है. बताया जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में 23.5 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश की है. इससे राजकोष पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा. हालांकि, आयोग ने मूल वेतन में मात्र 14.27 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश ही की है जो बीते 70 वर्षों में सबसे कम है.

एनडीटीवी ने वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया है कि 29 जून को कैबिनेट की बैठक में चर्चा के बाद जल्द ही वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा और जनवरी 2016 से लागू करने के समय तक का एरियर भी कर्मचारियों को दिया जाएगा.