हरियाणा सरकार छात्रों को नैतिकता की शिक्षा देने के लिए अपने स्कूली पाठ्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और वीर सावरकर को शामिल करने जा रही है. हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पीटीआई को बताया कि राज्य के छात्रों को विभिन्न धर्मों की पवित्र पुस्तकों के ज्ञान के अलावा नैतिक शिक्षा के तहत जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में भी पढ़ाया जाएगा.

शर्मा के मुताबिक वे आरएसएस से जुड़े रहे है और वहां व्यक्तित्व विकास के लिए नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाती है जो जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उनका कहना है कि जल्द ही देश की शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा करेंगी और उसके बाद यह पाठ्यक्रम इसी साल जुलाई से राज्य में शुरू हो जाएगा.

इससे पहले, राज्य सरकार ने केवल गीता को ही नए पाठ्यक्रम में शामिल किया था जिसे विपक्ष ने जोरदार हंगामा करते हुए शिक्षा का 'भगवाकरण' बताया था. इसके बाद सरकार ने अन्य धर्मों की बातों को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की थी.

केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. इससे केंद्रीय कर्मचारियों के कुल वेतन में लगभग 23 फीसदी की बढ़ोत्तरी का रास्ता साफ हो गया है. बताया जाता है कि इस फैसले से लगभग एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा. ये सिफारिशें एक जनवरी 2016 से लागू होंगी और जनवरी से अब तक का बढ़ा वेतन लोगों को एरियर के रूप में मिलेगा.

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को मौजूदा सात हजार रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये भी कर दिया गया है. खबरों के मुताबिक, वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से राजकोष पर सालाना 1.02 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा.

सरकार भले ही तनख्वाह की इस बढ़ोत्तरी पर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने इस पर नाखुशी जताई है. उनका कहना है कि इस बार उनके मूल वेतन में मात्र 14.27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जो पिछले 70 वर्षों में सबसे कम है. इन संगठनों के मुताबिक पिछले वेतन आयोग ने मूल वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी जिसे 2008 में लागू करते समय यूपीए सरकार ने दोगुना कर दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की उस सिफारिश को भी मान लिया है जिसमें असैन्य (सिविल) कर्मचारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' का प्रावधान करने को कहा गया था.

एनआईए ने हैदराबाद में संदिग्ध आईएस समर्थकों को गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार उसने बुधवार सुबह छापामारी कर पांच संदिग्ध आईएस समर्थकों को गिरफ्तार किया है, जबकि छह अन्य लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, एनआईए को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग हैदराबाद की संवेदनशील जगहों को निशाना बनाकर हमला करने की योजना बना रहे हैं. इस सूचना पर 22 जून को एफआईआर भी दर्ज की गई थी.

एनआईए ने रेड के दौरान हथियार व दूसरी संदिग्ध सामग्री बरामद करने का दावा भी किया है जिसमें हाइड्रोजन पैराक्साइड सहित कई कैमिकल, 23 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप शामिल हैं. इसके अलावा एनआईए को दो पिस्तौल, एक एयरगन, 15 लाख रुपये और कई फर्जी पहचानपत्र भी मिले हैं.

छापामारी के बाद शहर में एहतियात के तौर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश भी दिया गया है. बीते जनवरी माह में एनआईए के राष्ट्रव्यापी आंतकरोधी अभियान के दौरान भी 14 संदिग्ध आईएस समर्थक पकड़े गए थे जिनमें से दो की गिरफ्तारी हैदराबाद से ही हुई थी.