‘यह एनडीए सरकार का मंत्रिपरिषद विस्तार नहीं, भाजपा का है.’

— संजय राउत, शिव सेना नेता

संजय राउत का यह बयान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर आया. इसमें शिवसेना से किसी को शामिल न किए जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया. मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 19 नए चेहरे शामिल हुए हैं. चर्चा है कि शिवसेना को सिर्फ एक मंत्रिपद दिया जा रहा था जबकि वह दो चाहती थी और इस मुद्दे पर दोनों दल किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए. एनडीए गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद शिवसेना और भाजपा बीते कुछ समय से एक दूसरे के साथ टकराव की मुद्रा में दिखते रहे हैं.

‘मैं अपने ही मंत्रालय में विपरीत हालात में काम कर रहा था.’

— मनसुखभाई वसावा, भाजपा नेता व पूर्व जनजातीय कल्याण राज्यमंत्री

वसावा यह बयान केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने के बाद आया. इस्तीफा मांगे जाने के कारणों से अनभिज्ञता जताते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने मंत्रालय के कामकाज में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन, उनके प्रयास को समर्थन नहीं मिल सका. भरूच से सांसद वसावा ने पिछले दिनों गुजरात सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया था. उनका कहना था कि गुजरात में स्कूली शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है और खास तौर पर आदिवासी इलाकों में बच्चों को सही शिक्षा नहीं मिल पा रही. उनकी विदाई की एक वजह इस बयान को भी बताया जा रहा है.


‘भाजपा जब विपक्ष में थी तो जीएसटी बिल के खिलाफ थी. तब क्या वह राजनीतिक रूप से खुदकुशी कर रही थी.’

— पवन वर्मा, जदयू नेता

पवन वर्मा का यह बयान जीएसटी बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर आया. मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा था कि वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) बिल का विरोध करके कोई भी दल राजनीतिक रूप से खुदकुशी की कोशिश नहीं करना चाहेगा. इस पर पवन वर्मा ने कहा कि जीएसटी बिल से मतभेदों को बातचीत से हल किया जा सकता है, लेकिन भाजपा सत्ताधारी दल के रूप में इसके लिए प्रयास नहीं कर रही है. लोकसभा से पारित जीएसटी बिल राज्यसभा में लटका पड़ा है.


‘कुछ देश हैं जो सीरिया में शांति की बात कर रहे हैं और वहां हथियार भी भेज रहे हैं.’

— पोप फ्रांसिस

ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरू ने यह बात सीरिया पर आयोजित एक सम्मेलन में भेजे गए अपने वीडियो संदेश में कही. सीधे किसी देश का नाम न लेते हुए उनका कहना था कि आप उस व्यक्ति पर कैसे भरोसा कर सकते हैं जो एक हाथ से सहलाए और दूसरे हाथ से तमाचा मारे. सीरिया में पिछले पांच साल से चल रहे गृह युद्ध से 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और एक करोड़ से ज्यादा लोग को बेघर होना पड़ा है. रूस और ईरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद की मदद कर रहे हैं जबकि वहां के विद्रोही गुटों को सऊदी अरब और पश्चिमी देशों से सहायता मिल रही है.