उड़ीसा के कंधमाल जिले में शुक्रवार को हुई पुलिस फायरिंग में छह निर्दोष ग्रामीण मारे गए हैं और पांच अन्य घायल हुए हैं. खबरों के अनुसार मरने वालों में दो साल का एक बच्चा भी शामिल है. घटना की जानकरी देते हुए कंधमाल के पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा ने बताया कि पुलिस को कंधमाल के कुर्तमगढ़ कस्बे के जंगलों में माओवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी. इसके बाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की एक टीम ने कुर्तमगढ़ के जंगलों में छानबीन शुरू की.

उनके अनुसार शुक्रवार रात को गश्त के दौरान माओवादियों ने एसओजी टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी जिसके जवाब में पुलिस टीम को भी फायरिंग करनी पड़ी. मिश्रा के अनुसार इसी दौरान कुछ ग्रामीण बाजार से लौट रहे थे जो इस मुठभेड़ की चपेट में आ गए. एसओजी का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से वे ऐसा नहीं कर पाए.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसकी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए है. उन्होंने मरने वालों के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान भी किया है. उड़ीसा में पिछले एक साल के अंदर ग्रामीणों के पुलिस फायरिंग में मारे जाने की यह तीसरी घटना है. पिछले साल नवंबर में कालाहंडी जिले में एसओजी की फायरिंग में तीन ग्रामीण मारे गए थे.

आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा भड़की, 11 की मौत

हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा भड़क उठी है. शनिवार को राज्य के कई जिलों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 11 लोगों की मौत हो गई और 70 लोग घायल हुए हैं. खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झडपों में 96 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. बताया जाता है कि शनिवार सुबह बुरहान वानी के अंतिम संस्कार के बाद श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग और शोपियां में सैकड़ों की तादाद में युवक इकट्ठा होकर पुलिस पर पथराव करने लगे. इसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी.

तनाव बढ़ने के बाद घाटी के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई है. प्रशासन ने इंटरनेट और फोन सेवाओं को भी अस्थायी तौर पर बंद करवा दिया है और बनिहाल से बारामूला के बीच चलने वाली रेल सेवा भी फिलहाल रोक दी गई है. स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक को नजरबंद कर दिया है.

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वीरभद्र सिंह की मुश्किलें बढीं, करीबी एलआईसी एजेंट गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें बढती नजर आ रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनके करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि चौहान से कई दिनों से पूछताछ की जा रही थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 6.1 करोड़ रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. ईडी के अनुसार इसमें से 5 करोड़ रुपए उन्होंने आनंद चौहान के माध्यम से अपने परिवार के सदस्यों के नाम एलआईसी की पॉलिसी में निवेश किए थे.

इस मामले के सामने आने के बाद वीरभद्र सिंह ने इसे अपने बागानों से होने वाली आय बताया था. लेकिन इसके बाद आयकर विभाग की जांच में पता लगा था कि बागानों से सेब की ढुलाई के लिए जिन वाहनों को कागजों में दिखाया गया था उनमें से कई नंबर दुपहिया वाहनों के थे. इस मामले में 81 वर्षीय मुख्यमंत्री से सीबीआई भी एक बार पूछताछ कर चुकी है.