‘कश्मीरी युवाओं को आतंक के पैरोकारों की बातों से गुमराह नहीं होना चाहिए.’

— जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री

जितेंद्र सिंह ने यह बात कश्मीर के युवाओं से हिंसक प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कही. उन्होंने कहा कि आज का युग सबूतों का युग है और जो लोग कश्मीरी नौजवानों को आजादी की लड़ाई या जिहाद में शामिल होने के लिए कहते हैं उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं. इससे पहले जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी लोगों से अपने बच्चों को हिंसक प्रदर्शनों से दूर रखने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए कश्मीर में अराजकता को बढ़ावा दे रहे हैं. पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में तनाव की स्थिति है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की झड़प में अब तक 38 लोगों की मौत की खबर है.

‘देश की मौजूदा संघीय व्यवस्था में राज्यपाल का पद अनावश्यक है.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार ने यह बात अंतरराज्यीय परिषद की 11वीं बैठक में कही. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे सजावटी पदों को बनाए रखना है तो राज्यपाल की नियुक्ति में संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री की सलाह लेने की व्यवस्था होनी चाहिए. इस बारे में सरकारिया आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो संविधान के अनुच्छेद 155 में संशोधन करना चाहिए. नीतीश कुमार ने केंद्र में सरकार बदलने के साथ राज्यपालों को हटाने की परंपरा रोकने की मांग भी रखी. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 10 साल बाद अंतरराज्यीय परिषद की बैठक हुई. इसमें मुख्य रूप से केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर पंछी आयोग की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई.


‘पाटीदार आंदोलन के लिए हमारे पास पहले से एक योजना मौजूद है. अब इसका ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है.’

— हार्दिक पटेल, पाटीदार अनामत आंदोलन के नेता

हार्दिक पटेल ने यह बात जेल से रिहा होने के बाद पाटीदार आंदोलन की तैयारियों को लेकर कही. एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि बहुत जल्द पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित होगी और इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ गुप्त समझौते के आरोपों को खारिज करते हुए पूछा कि अमित शाह कौन हैं और क्या उनका इतना कद है कि समझौता कर सकें. यूपी में चुनाव प्रचार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में जहां भी कुर्मी व पाटीदार समाज के लोग हैं वे वहां पर जाएंगे. पटेल को शुक्रवार को देशद्रोह के मामले में नौ महीने बाद जमानत पर रिहा किया गया है.


‘चीन को उस कानून का पालन करना चाहिए जिसे बाकी सभी देश मानते हैं.’

— जो बाइडेन, अमेरिका के उपराष्ट्रपति

बाइडेन का यह बयान दक्षिण चीन सागर को लेकर अंतरराष्ट्रीय पंचाट के फैसले पर चीन की घोषणा के संबंध में आया. उन्होंने कहा कि इस इलाके पर अमेरिका का अपना कोई दावा नहीं है लेकिन, यहां से सभी जहाजों को गुजरने का अधिकार है क्योंकि इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय पंचाट ने दक्षिणी चीन सागर पर चीन के ऐतिहासिक अधिकार के दावे को खारिज कर दिया है और इस क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को फिलीपींस की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. दक्षिणी चीन सागर के द्वीपों पर एक से अधिक देश अपना दावा कर रहे हैं. प्राकृतिक संपदा संपन्न यह क्षेत्र व्यापारिक समुद्री परिवहन का भी एक अहम मार्ग है.