पाकिस्तान में एक विशेष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बैंक खातों पर रोक लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है. विशेष अदालत पूर्व जनरल के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों की सुनवाई कर रही है. खबरों के मुताबिक पेशावर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मजहर आलम मियां खेल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच यह आदेश दिया है. मुशर्रफ अदालत से बार-बार हाजिर होने का नोटिस जारी होने के बावजूद पेश नहीं हो रहे थे.

अदालत ने राजद्रोह के मामले की सुनवाई को मुशर्रफ की गिरफ्तारी होने या उनके आत्मसमर्पण करने तक रोक दिया है. चीफ जस्टिस मियां खेल ने कहा, ‘कानूनी तौर पर किसी आरोपी के गैर-हाजिर रहने के दौरान मुकदमे की सुनवाई नहीं की जा सकती.’ हालांकि मुशर्रफ के वकील ने अदालत उनके बीमार होने का हवाला देते हुए स्काइप के जरिए सुनवाई में शामिल होने की इजाजत मांगी थी लेकिन, अदालत ने इसे मानने से इंकार कर दिया. अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी ने अपने अब तक व्यवहार से संपत्ति जब्त करने का आदेश देने के अलावा सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. अदालत ने प्रशासन को आदेश लागू करने और इसकी रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है.

परवेज मुशर्रफ इसी साल 18 मार्च को पाकिस्तान से दुबई चले गए थे. इसके बाद उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.

कंदील बलोच के परिवार पर अपने बेटे को माफी देने पर रोक लगी

पाकिस्तानी मॉडल कंदील बलोच की हत्या करने वाले भाई को अब अपने परिवार से माफी नहीं मिल पाएगी. खबरों के मुताबिक पंजाब सरकार ने कंदील के परिवार पर अपने बेटे को कानूनी रूप से माफी देने पर प्रतिबंध लगा दिया है. एक अधिकारी ने बताया कि कंदील का परिवार ऑनर किलिंग के मामलों में कानूनी खामी का लाभ लेकर हत्यारे को माफ करने का विकल्प इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. पाकिस्तान जैसे रुढ़िवादी देशों में ऑनर किलिंग के मामलों में परिवार आरोपी परिजनों को माफ कर देते हैं. इसकी वजह से आरोपी को सजा नहीं मिल पाती है.

कंदील की हत्या के बाद उनके पिता मोहम्मद अजीम ने अपने दो बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. अजीम ने दावा किया था कि उनके दूसरे बेटे ने अपने भाई मोहम्मद वसीम को कंदील की हत्या के लिए उकसाया था.

गिरफ्तारी के बाद हत्या के आरोपी मोहम्मद वसीम ने परिवार का सम्मान बचाने के खातिर गला घोटकर हत्या करने का अपराध स्वीकार कर लिया था और कहा था कि उसे इसका कोई अफसोस नहीं है. बलोच की हत्या के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर ऑनर किलिंग रोकने के लिए कानून लाने की मांग उठने लगी है.

जर्मनी में ट्रेन यात्रियों पर हमला करने वाले अफगानी शरणार्थी को आईएस ने अपना समर्थक बताया

फ्रांस के बाद जर्मनी में आतंकी हमले की घटना सामने आई है. खबरों के मुताबिक एक अफगानी शरणार्थी ने दक्षिणी जर्मनी में ट्रेन के भीतर यात्रियों पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया. पुलिस ने इस हमले में 18 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है. इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं. हमलावर युवक के घर की तलाश में इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ से बना झंडा मिला है. आईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और उसे अपना समर्थक बताया है.

बावेरिया प्रांत के गृहमंत्री जोआखिम हरमान ने बताया कि यह घटना बुर्जबर्ग और ट्रचक्लींजन कस्बे के बीच हुई है. उन्होंने कहा कि भागने की कोशिश में हमलावर पुलिस के हाथों मारा गया. ब्रिटेन के अखबार मिरर ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लिखा है कि अफगानी युवक ने हमला करने से पहले अल्ला हू अकबर का नारा लगाया था.

जर्मनी में यह हमला फ्रांस के नीस शहर में आतंकी हमले के चार दिन हुआ है. इसमें एक शख्स ने बैस्टिल डे पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों पर ट्रक चढ़ाकर 84 लोगों को कुचल दिया था. आईएस ने इस हमलावर को भी अपना समर्थक बताया थ