‘जातिवाद को समाप्त करने के लिए अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देना होगा.’

— रामदास अठावले, सामाजिक न्याय (राज्य) मंत्री

अठावले का यह बयान जातीय विभाजन और दलित उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘गौरक्षा जरूरी है लेकिन, इंसानों को कौन बचाएगा.’ सामाजिक बदलाव के लिए एकजुटता दिखाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि केवल कानूनी उपायों से दलितों का उत्पीड़न नहीं रोका जा सकता और दलितों के बीच यह संदेश जाना चाहिए कि वे भी इस देश के नागरिक हैं. हाल में गुजरात के ऊना में मृत गाय की खाल उतारने के लिए कथित गौरक्षकों द्वारा दलित युवकों की पिटाई का मामला सामने आया था. इसके विरोध में गुजरात के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. कई खबरों में यह भी कहा गया कि खुद पुलिस ने ही दलित युवकों को कथित गौरक्षकों को सौंपा था.

‘लोग न सिर्फ बहन की तरह मेरा सम्मान करते हैं बल्कि मुझे देवी भी मानते हैं.’

— मायावती, बसपा प्रमुख

मायावती का यह बयान बसपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर आया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले भाजपा नेता दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर लखनऊ और देश के दूसरे हिस्सों में प्रदर्शन किया. इस पर बसपा अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने लोगों से सड़क पर आने के लिए नहीं कहा है, लेकिन यह उनका सम्मान और गुस्सा है जो लखनऊ और देश के दूसरे हिस्सों में देखने को मिला है.’ दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी. हंगामा बढ़ने के बाद भाजपा ने उन्हें पद और पार्टी से बर्खास्त कर दिया था. एफआईआर दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे हैं.


‘लाभ के पद की व्याख्या किसी कानून में नहीं है.’

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

रविशंकर प्रसाद ने यह बात लोकसभा में संसदीय सचिव के पद को लाभ का पद मानने या न मानने के सवाल पर कही. संसदीय सचिव के पद को राज्यों का विषय बताते हुए उन्होंने कहा, ‘संसद (अयोग्यता निवारण) अधिनियम-1959 में संसदीय सचिव जैसे किसी पद का जिक्र नहीं है.’ प्रसाद ने कहा, ‘कोई पद लाभ का पद है या नहीं, इसका फैसला नियुक्ति और उस पद से हटाने जाने की शर्तों, उसके लिए होने वाले भुगतान और उसके तहत आने वाले कामकाज के आधार पर होता है.’ उन्होंने कहा कि केवल कुछ राज्यों में मंत्रियों के लिए संसदीय सचिव नियुक्त किए जाते हैं. दिल्ली सरकार में मंत्रियों के संसदीय सचिव पद बनाए जाने की वजह से आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में पड़ गई है. चुनाव आयोग मामले की सुनवाई कर रहा है.


‘ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग होने में देरी की वजह बतानी चाहिए.’

— फ्रोंस्वां ओलांद, फ्रांस के राष्ट्रपति

ओलांद का यह बयान यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने की बातचीत को अगले साल तक टालने को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘पिछले हफ्ते उम्मीद से कहीं पहले टेरेसा मे प्रधानमंत्री बन गईं. इसके साथ यह सवाल भी खत्म हो गया कि किसके नेतृत्व में ब्रेक्जिट पर चर्चा की जाएगी. अब कोई वजह नहीं बची है कि इस बातचीत को टाला जाए.’ 23 जून को ब्रेजिक्ट के पक्ष में फैसला आने के बाद ईयू ने ब्रिटेन से जल्द से जल्द अलग होने को कहा था. लेकिन, प्रधानमंत्री बनने के बाद टेरेसा मे इसे अगले साल तक टालना चाहती हैं. उन्होंने बुधवार को जर्मनी की चांसलर अंगेला मेर्कल से मुलाकात की है. बताया जा रहा है कि मेर्कल ईयू से अलग होने की तैयारियों के लिए ब्रिटेन को वक्त दिए जाने को लेकर सहमत हैं.