प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काला धन रखने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने शनिवार को दिल्ली में जौहरियों द्वारा उनके सम्मान में रखे गये एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें पता है कि लोग ठेलों में धन भरकर जौहरियों के पास ले जाते हैं और काले धन का एक बड़ा हिस्सा आभूषण व रीयल एस्टेट क्षेत्र में लगा हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, '30 सितम्‍बर के पहले जो भी है डिक्लेयर कर दो. क्‍योंकि मैं नहीं चाहता हूं कि 30 सितम्‍बर के बाद किसी की भी नींद खराब हो। मैं सवा सौ करोड़ देशवासी सुख-चैन की नींद सोये, ये चाहता हूं जी. और मैं उस पाप को करना नहीं चाहता हूं जो 30 सितम्‍बर को मुझे करना पड़े.’

मोदी सरकार ने एक जून से इन्कम डेक्लेरेशन स्कीम (आईडीएस) शुरू की है. इसके तहत कालाधन रखने वाले अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा 30 सितंबर तक करके हर चिंता से मुक्त हो सकते हैं. इस योजना के जरिए घोषित की गई संपत्ति पर सरकार 30 प्रतिशत टैक्स और 15 प्रतिशत जुर्माना लेगी.

इससे पहले इसी हफ्ते सरकार ने काला धन पर लगाम लगाने के मकसद से सात लाख लोगों से उनके ऐसे बड़े वित्तीय लेन-देनों की जानकारी मांगी थी जिनमें पैन नंबर का इस्तेमाल नहीं किया गया था.

काबुल में आतंकियों से छुड़ाई गईं, सामाजिक कार्यकर्ता ज्यूडिथ डिसूजा सुरक्षित स्‍वदेश लौटीं

काबुल में आतंकियों से छुड़ाई गईं भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता ज्यूडिथ डिसूजा शनिवार शाम सुरक्षित स्‍वदेश वापस आ गई हैं. भारत लौटने के बाद सबसे पहले उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने ज्यूडिथ की रिहाई पर ख़ुशी जाहिर करते हुए उनका भारत में स्वागत किया है. उन्होंने इसके लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी का शुक्रिया भी अदा किया है.

इससे पहले पहले शनिवार सुबह सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर ज्यूडिथ को आतंकियों से छुड़ाए जाने की जानकारी दी थी. 40 वर्षीय ज्यूडिथ अन्‍तर्राष्‍ट्रीय समाजसेवी संगठन आगा खां फाउंडेशन में वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में कार्य करती हैं. उन्हें पिछले महीने नौ जून को काबुल में उनके दफ्तर के बाहर से आतंकियों ने अगवा कर लिया था.

मशहूर चित्रकार सैयद हैदर रज़ा का दिल्ली में निधन

मशहूर चित्रकार सैयद हैदर रज़ा का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को दिल्ली में निधन हो गया. 94 साल के रज़ा पिछले दो महीने से एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. उनके करीबी मित्र और कवि अशोक वाजपेयी ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने सुबह 11 बजे अंतिम सांस ली. रजा को उनके जन्म स्थान मध्यप्रदेश के मंडला में सुपुर्दे ख़ाक किया जाएगा. 1984 में ललित कला अकादमी के फेलो चुने गए रजा को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है.

करीब 60 वर्ष तक फ़्रांस में रहने वाले रजा की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कम नहीं थी. पिछले साल ही फ्रांस सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'लीज़न ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया था. जून 2010 में वे उस समय काफी चर्चा में रहे थे जब लंदन में हुए एक कार्यक्रम में उनकी एक पेंटिंग सोलह करोड़ रूपए से ज्यादा में नीलाम हुई थी. वे 2010 में ही फ्रांस छोड़कर भारत वापस आ गये थे. यहां उन्होंने रजा फाउंडेशन की स्थापना कर अपनी सारी संपत्ति उसके नाम कर दी. फाउंडेशन कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को बढ़ावा देने सहित कई तरह के कार्य करती है.