लोक सभा

आज लोक सभा की कार्यवाही दिन भर सामान्य तरीके से चली. सदन की कार्यवाही की शुरूआत में लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने ‘आप’ सांसद भगवंत मान के वीडियो की जांच के लिए भाजपा सांसद किरीट सोमैया की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया. समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन अगस्त तक का समय दिया गया है. लोक सभा अध्यक्ष ने रिपोर्ट सौंपे जाने तक भगवंत मान को संसद की कार्यवाही में हिस्सा न लेने का निर्देश दिया है. मान को लिखित जवाब देने के लिए कल सुबह साढ़े दस बजे तक का समय दिया गया है.

इसके बाद शून्यकाल के दौरान राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने यह आरोप लगाया कि सरकार संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को धीरे-धीरे खत्म कम कर रही है. इसका जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि यूपीएससी परीक्षा के लिए ओबीसी आरक्षण कोटा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना था कि वे इस मामले में सदन की आशंकाओं को दूर करने के लिए और जानकारी लेंगे.

भाजपा सांसद जीएस शेखावत ने शून्यकाल में कश्मीरी पंडितों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 2015 में केंद्र सरकार ने उन्हें विश्वविद्यालयों 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही थी. लेकिन पंजाब विश्वविद्यालय ने केवल 5 फीसदी आरक्षण देने का ही प्रावधान किया और बाद में उसे भी वापस ले लिया गया.

लंच के बाद लोक सभा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी (संशोधन) विधेयक 2016 को बहस के बाद बहुमत से पारित कर दिया. इस विधेयक के तहत देश में छह नए आईआईटी खोले जाएंगे और धनबाद स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी एक्ट के दायरे में लाया जाएगा. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी एक्ट कुछ चुने हुए संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने का काम करता है.

राज्य सभा

लोक सभा के उलट राज्य सभा में आज भी दोपहर बाद खासा हो-हल्ला देखने को मिला जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही को तीन बजे के बाद स्थगित करना पड़ा.

राज्य सभा में शून्यकाल के दौरान सीपीएम सांसद तपन कुमार सेन ने सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों - बीएसएनएल और एमटीएनएल- के निजीकरण के खिलाफ पूरे देश में विरोध शुरू करने की चेतावनी दी.

दोपहर एक बजे शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और जयराम रमेश के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया. अकाली दल ने इन सांसदों पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है जबकि कांग्रेसी सांसदों ने इससे इनकार किया है.

शून्यकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने दलित उत्पीड़न के मामले पर प्रधानमंत्री से जवाब की मांग को लेकर सदन से वॉक आउट किया. इसके बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कांग्रेस सांसद केवीआर रामचंद्र राव के निजी विधेयक पर बहस न होने तक सदन की कार्यवाही में असहयोग की बात कही. सांसद राव का निजी विधेयक आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य घोषित करने से संबंधित है. इसके बाद हुए हंगामे की वजह से राज्य सभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

हंगामे के कारण क्षतिपूरक वनीकरण निधि विधेयक (2016) आज राज्य सभा में नहीं रखा जा सका. इस विधेयक के पारित होने के बाद केंद्र और राज्य की सरकारें अपने यहां परियोजनाएं चलाने वाली कंपनियों से जंगलों को होने वाली हानि के बदले धन ले सकेंगी. इस धनराशि को नये वन लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

प्रश्नकाल : संसदीय विशेषाधिकार क्या होता है?

संसदीय विशेषाधिकार संसद और उसके सदस्यों को मिले विशेष अधिकार और छूट होते हैं. अगर ये न हों तो उनके द्वारा अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना आसान नहीं होगा. अपने या अपने किसी सदस्य के विशेषाधिकार के हनन के लिए संसद किसी भी व्यक्ति को जेल तक भेज सकती है.

सांसदों के अलावा संसदीय विशेषाधिकार संसद या किसी भी समिति में बोलने वाले बाहरी व्यक्ति को भी दिया जाता है. हालांकि संसद का एक अभिन्न हिस्सा होने के बावजूद राष्ट्रपति को यह अधिकार हासिल नहीं है.