गुजरात के पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने आशंका जताई है कि राजस्थान की भाजपा सरकार उनका फर्जी एनकांउटर करवा सकती है. मंगलवार को हार्दिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस तरह की सख्ती उनके घर के बाहर पुलिस दिखा रही है, वैसी तो अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं की जाती थी. उनके मुताबिक उन्हें आशंका है कि सरकार उन्हें आतंकी बताकर उनका फर्जी एनकाउंटर करवा सकती है.

हार्दिक के मुताबिक अदालत ने उन्हें गुजरात के अलावा पूरे देश में कहीं भी आने जाने की इजाजत दी है. लेकिन, उदयपुर पुलिस ने उन्हें नजरबंद करके रखा हुआ है और पुलिस उन्हें घर से बाहर मंदिर तक भी नहीं जाने दे रही है.

मीडिया में आई खबरों के अनुसार उदयपुर पुलिस ने हार्दिक पटेल के घर के बाहर अस्थाई चौकी बनाई है और उनसे मिलने आने वाले हर व्यक्ति की फोटोग्राफी कर उसका नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किया जा रहा है.

हालांकि, हार्दिक का कहना है कि भले ही भाजपा उन्हें रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत क्यों न लगा दे, लेकिन वह ऐसा करके उन्हें आरक्षण के मुद्दे से विचलित नहीं कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों का दौरा करेंगे. और अगर जरूरत पड़ी तो आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर और राजपूत समाज के समर्थन में भी आगे आएंगे.

नरसिंह यादव की जगह पहलवान प्रवीन राणा ओलंपिक में हिस्सा लेंगे

डोपिंग को लेकर विवादों में घिरे नरसिंह यादव की जगह अब रियो ओलंपिक में पहलवान प्रवीन राणा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. रेसलिंग की अन्तराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्लूडब्लू) ने मंगलवार को अपनी वेबसाइट के जरिए इसकी जानकारी दी है. संस्था के मुताबिक नरसिंह यादव ने साल 2015 में लास वेगास में हुई विश्व चैंपियनशिप में रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था. जबकि उनका डोप टेस्ट इस क्वालिफाईंग प्रतियोगिता से अलग हाल ही में पॉजिटिव पाया गया है.

यूडब्लूडब्लू के मुताबिक इस वजह से उसने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को यादव की जगह किसी अन्य पहलवान का चयन करने की इजाजत दी थी. उसके अनुसार आईओए ने यादव की जगह 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में पहलवान प्रवीन राणा को रियो भेजने का फैसला किया है. पिछले हफ्ते नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में फेल होने के बाद आईओए ने उन्हें संस्पेंड कर दिया था.

अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को ज़मानत मिली

दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को ज़मानत मिल गई है. मंगलवार को दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर उनकी ज़मानत अर्जी को मंजूरी दे दी है. सीबीआई ने राजेंद्र कुमार को 4 जुलाई को गिरफ़्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने 2006-2014 के दौरान दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों में रहते हुए गलत तरीके से अपनी ही बनाई कुछ कंपनियों को ठेके दिए थे जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ.

जांच एजेंसी ने इस मामले में कुमार के अलावा 6 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था. इसी मामले को लेकर सीबीआई ने पिछले साल 15 दिसम्बर को दिल्ली सरकार के सचिवालय पर छापा मारा था जिसके बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला था.