इंडोनेशिया ने ड्रग तस्करी के अलग-अलग मामलों में दोषी करार दिए गए 14 लोगों को मृत्युदंड न देने की संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ (ईयू) की अपील ठुकरा दी है. इनमें भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान और जिंबाब्वे के साथ-साथ इंडोनेशिया के नागरिक शामिल हैं. सभी दोषियों को नुसाकामबंगन जेल में रखा गया है जहां उन्हें गुरुवार रात गोली मार दी जाएगी. इनमें जालंधर निवासी गुरदीप सिंह शामिल है. बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखा था कि गुरदीप को बचाने के लिए सभी कोशिशें की जा रही हैं.

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के हाई कमिश्नर जैद राद अल हुसैन ने इंडोनेशिया से मृत्युदंड का अन्यायपूर्ण इस्तेमाल रोकने की अपील की थी. ईयू ने भी मृत्युदंड को क्रूर और अमानवीय सजा बताते हुए इसे रोकने को कहा था. ईयू ने कहा था कि यह तरीका ऐसे अपराध रोकने में असफल है. लेकिन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने नशीली दवाओं के बढ़ रहे इस्तेमाल को रोकने के लिए मौत की सजा देने का समर्थन किया है.

इंडोनेशिया ने आखिरी बार अप्रैल 2015 में ड्रग तस्करी के मामले में दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों सहित आठ लोगों को मौत की सजा दी थी.

रहस्यमयी ढंग से गायब विमान एमएच-370 के कैप्टन के फ्लाइट सिमुलेटर से नए संकेत मिले

मलेशियाई एयरलाइंस के विमान एमएच 370 के गायब होने की कहानी में एक नया मोड़ आ गया है. इसके कैप्टन के घर से मिले फ्लाइट सिमुलेटर (विमान उड़ाने का अभ्यास करने की मशीन) के आधार पर एक ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी ने कहा है कि हादसे से कुछ दिन पहले इस सिमुलेटर पर दक्षिणी हिंद महासागर की तरफ उड़ान भरने के प्रोग्राम पर अभ्यास किया गया था. विमान के इसी दिशा में जाने और हादसाग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ‘एमएच 370 के कैप्टन के घर से मिला फ्लाइट सिमुलेटर बताता है कि किसी ने उसमें दक्षिणी हिंद महासागर की तरफ उड़ान भरने की योजना बनाई थी.’

एमएच-370 के खोज अभियान का नेतृत्व करने वाली संस्था ‘ज्वाइंट एजेंसी क्वॉर्डिनेशन सेंटर’ (जेएसीसी) ने यह भी कहा है कि फ्लाइट सिमुलेटर की सूचना से यह साबित नहीं होता कि पायलट ने जानबूझ कर बोइंग कंपनी के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करा दिया था. जेएसीसी के अनुसार सिमुलेटर की सूचना से केवल योजना की संभावनाओं से जुड़ी जानकारी मिलती है. इससे यह पता नहीं चलता है कि जिस रात विमान गायब हुआ उस रात उसके साथ क्या हुआ था या विमान कहां पर है.

एमएच-370 ने आठ मार्च 2014 को कुअालालंमपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी लेकिन, एक घंटे बाद ही इसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था. अभी तक 1,20,000 वर्ग किमी. क्षेत्र में इसकी तलाश की जा चुकी है. लेकिन, कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया है.

चीन भी अपना मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाएगा

चीन भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार कर रहा है. चीन के सरकारी टेलीविजन पर इसके परीक्षण की तस्वीरें प्रसारित होने के बाद चीनी रक्षा मंत्रालय ने भी इस खबर की पुष्टि की है. पिछले महीने उत्तरी कोरिया की धमकियों को देखते हुए दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली ‘टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ (टाड) को तैनात करने की घोषणा की थी. चीन ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि इसकी तैनाती से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बिगड़ जाएगा. इसके अलावा उसने यह भी चिंता जताई थी कि टाड के राडार उसके सैन्य विमानों की निगरानी करने में सक्षम होंगे. रूस ने भी टाड की तैनाती का विरोध किया था.

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग युजुन का कहना है, ‘चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मिसाइल प्रतिरक्षा की ताकत हासिल करना जरूरी है.’ उन्होंने कहा कि यह किसी देश को निशाना बनाने के लिए नहीं होगी और इससे चीन की आत्मरक्षा क्षमता मजबूत होगी. इससे पहले चीन की चिंता दूर करने के लिए दक्षिणी कोरिया और अमेरिका ने भी कहा था कि ‘टाड’ का इस्तेमाल केवल उत्तरी कोरिया की बैलास्टिक मिसाइल के लिए किया जाएगा.