अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्‍स नाऊ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्‍वामी मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं. विवादों में घिरे इस्‍लामिक उपदेशक डॉ जाकिर नाईक ने अर्नब गोस्‍वामी और टाइम्‍स नाऊ चैनल को 500 करोड़ रुपये के मानहानि का नोटिस भेजा है.

समाचार वेबसाइट इंडिया टुडे के मुताबिक यह नोटिस बीती 16 जुलाई को जाकिर नाईक के वकील मोबिन सोलकर की ओर से भेजा गया है. इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जुलाई के महीने में अर्नब गोस्वामी ने कई बार अपने कार्यक्रम 'द न्यूज़ ऑवर डिबेट' में नाईक के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए हैं.

नोटिस में अर्नब के द्वारा नाईक पर लगाए गए कई आरोपों का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि चैनल ने ये आरोप बिना तथ्यों की जांच किए और बिना किसी ठोस सबूत के लगाए हैं. नाईक का आरोप है कि चैनल ने दुर्भावना के तहत जानबूझकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया है.

लोटिस के अनुसार चैनल के इस कृत्य से न सिर्फ जाकिर नाईक की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि मुस्लिम सुमदाय में उनका सम्मान करने वाले लोग भी इससे काफी आहत हैं. इसके अलावा नाईक ने अर्नब गोस्वामी और टाइम्स नाऊ चैनल से बिना शर्त माफी मांगने और उनके खिलाफ दिए गए बयानों को वापस लेने के लिए भी कहा है.

मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले दयाशंकर सिंह गिरफ़्तार

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह को बिहार के बक्सर से गिरफ़्तार कर लिया गया है. इसके बाद शुक्रवार को ही यूपी पुलिस ने उन्हें मऊ के सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

इससे पहले गुरूवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दयाशंकर सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी. इसके बाद उनके जल्द आत्मसमर्पण करने की खबरें आई थीं जिसके बाद पुलिस ने भी उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें तेज कर दी थी.

बीती 19 जुलाई को मायावती पर टिकट बेंचने का आरोप लगाते हुए दयाशंकर ने उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी. इसके बाद बसपा ने दयाशंकर और भाजपा के खिलाफ संसद से सड़क तक प्रदर्शन किया था. बसपा की ओर से उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर भी दर्ज करायी गई थी. इस मामले को लेकर दयाशंकर सिंह को भाजपा ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.

सातवां वेतन आयोग : केंद्रीय कर्मियों को अगस्‍त के वेतन के साथ ही पूरा एरियर मिलेगा

केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद एरियर का भुगतान एक ही किश्त में करने का फैसला किया है. वित्त मंत्रालय के अनुसार सभी कर्मचारियों को अगस्‍त महीने के वेतन के साथ ही इस एरियर का भुगतान कर दिया जाएगा.

इससे पहले मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें कहा गया था कि 1 जनवरी 2016 से लागू की गई इन सिफारिशों के बाद कर्मचारियों के एरियर का भुगतान वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान यानी मार्च 2017 तक किया जाएगा.

बताया जाता है कि इसके बाद सातवें वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों से नाराज कर्मचारी संगठनों ने सरकार से बातचीत की थी जिसके बाद सरकार ने यह घोषणा की है. खबरों के मुताबिक सरकार ने कर्मचारी संगठनों की अन्य आपत्तियों के निपटारे के लिए कुछ समितियों का गठन भी किया है. बीते 29 जून को केन्द्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी.