पहलवान नरसिंह यादव को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने बड़ी राहत देते हुए डोपिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया है. सोमवार को नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नाडा ने नरसिंह के दो जून तक लिए गए नमूनों में से कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया था.

अग्रवाल के मुताबिक इसके बाद जो प्रतिबंधित पदार्थ उन्होंने लिया था उसे एक बार लेने से एथलीट को कोई फायदा नहीं हो सकता इसीलिए पैनल का विचार था कि यह पदार्थ उन्होंने जान-बूझकर नहीं लिया था. उनके मुताबिक पैनल ने माना है कि इस पूरे मामले में नरसिंह की कोई गलती नहीं है बल्कि उन्हें किसी साजिश का शिकार बनाया गया है. पैनल ने नरसिंह को नाडा की डोपिंग रोधी संहिता की धारा 10.4 के तहत आरोपों से बरी कर दिया है.

नाडा का फैसला आने के बाद भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया को बताया कि अब नरसिंह रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. सिंह के मुताबिक उन्होंने विश्व कुश्ती संघ को खत लिखकर बता दिया है कि भारत की ओर से 74 किलोग्राम वर्ग में प्रवीण राणा की जगह नरसिंह यादव हिस्सा लेंगे. नरसिंह पर डोपिंग के आरोप लगने के बाद पिछले हफ्ते रियो जाने वाली टीम में उनकी जगह प्रवीण राणा को भेजने की घोषणा की गई थी.

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इस्तीफा दिया

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. आनंदीबेन ने भाजपा नेतृत्व को भेजे इस्तीफे में कहा है कि वे नवंबर में 75 साल की हो जाएंगी. लेकिन, वे चाहती हैं कि उन्हें उससे दो महीने पहले ही जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए. उनके मुताबिक 2017 के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में नवनियुक्त मुख्यमंत्री को चुनाव की तैयारी के लिए पूरा समय मिलना चाहिए. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें गुजरात की मुख्यमंत्री का इस्तीफा मिल गया है और अब पार्टी का संसदीय बोर्ड उसके अगले कदम के बारे में फैसला लेगा.

वहीं, गुजरात में पिछले एक साल में हुई घटनाओं और उन पर सरकार के ढुलमुल रवैये को इस इस्तीफे की मुख्य वजह माना जा रहा है. आनंदीबेन के मुख्यमंत्री रहते गुजरात में पिछले साल पाटीदार आंदोलन और हाल ही में उना में दलितों की पिटाई का मामला सामने आया था. इनमें भाजपा की काफी किरकिरी हुई थी. साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन पटेल को उनके स्थान पर गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था.

जीएसटी बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश होगा, भाजपा ने सांसदों से उपस्थित रहने को कहा

केंद्र सरकार को काफी मशक्कत करने के बाद जीएसटी बिल के पास होने की उम्मीद नजर आने लगी है. सरकार की ओर से कहा गया है कि बुधवार को यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा क्योंकि इससे जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं. सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने मीडिया को बताया, 'जीएसटी बिल को राज्यसभा में बुधवार को चर्चा करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है और हम इस पर सभी राजनीतिक दलों का समर्थन चाहते हैं. हालांकि, संसद का मूड इसे पारित करने के पक्ष में दिखाई दे रहा है.'

इससे पहले सोमवार को भाजपा ने व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों से बुधवार को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है. पिछले बुधवार को सरकार ने राज्यों और कांग्रेस की अहम मांगों को मानते हुए बिल में कई संशोधन किए थे जिसके बाद बिल के सदन में जल्द पेश होने की उम्मीद की जा रही थी.

कर सुधारों की दिशा में बेहद अहम पहल माने जा रहे जीएसटी विधेयक को लाने का असल मकसद सेंट्रल सेल्स टैक्स, एक्साइज़, ऑक्टरॉय और वैट जैसे करों को खत्म कर उनकी जगह पूरे देश में एक ही टैक्स व्यवस्था लागू करना है.