इराक में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने कम से कम तीन हजार लोगों को बंधक बना लिया है. शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएचसीआर के मुताबिक इनमें से 12 लोगों की हत्या भी हो चुकी है. हालांकि, इराकी ऑब्जर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स ने बंधकों का आंकड़ा कम बताया है. इसकी रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी इराक में 100-120 आईएस लड़ाकों ने लगभग 1,900 ग्रामीणों को बंधक बनाया है जो इन्हें इराकी सुरक्षा बलों के खिलाफ कवच के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. उसने अपनी रिपोर्ट में 10 लोगों को फांसी दिए जाने और छह को जिंदा जलाए जाने की बात कही है.

यूएनएचसीआर के अनुसार आईएस ने चार अगस्त को किरकुत शहर की जा रहे कम से कम 3,000 विस्थापितों को बंधक बना लिया. इस इलाके में आईएस और अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की लड़ाई के चलते जुलाई 2016 तक करीब 34 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. पिछले दिनों गठबंधन सेना ने आईएस के कब्जे वाले इराक और सीरिया के क्षेत्रों में हमले तेज कर दिए हैं. इन हमलों से कई हिस्सों पर आईएस की पकड़ कमजोर हुई है. लेकिन, इराक में राजधानी मोसुल और सीरिया के रक्का जैसे शहरों पर उसका कब्जा अब भी बना हुआ है.

बांग्लादेश ने 30 से ज्यादा समाचार वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाया

बांग्लादेश सरकार ने 30 से ज्यादा समाचार वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इनमें विपक्ष समर्थक वेबसाइटें शामिल हैं. बांग्लादेश टेलीकम्युनिकेशंस एंड रेगुलेटरी कमीशन (बीटीआरसी) के अध्यक्ष शाहजहां मोहम्मद ने इस खबर की पुष्टि की है. हालांकि, उन्होंने इन वेबसाइटों को ब्लॉक करने का कारण नहीं बताया.

खबरों के मुताबिक इनमें मीडिया समूह अमार देश के न्यूज पोर्टल शीरशान्यूजडॉटकॉम और अमारदेश ऑनलाइन शामिल हैं. 2013 में सरकार ने इस समूह के अखबार पर धार्मिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया था और इसका लाइसेंस रद्द कर दिया था. इसके बाद से यह ऑनलाइन निकल रहा था. शीरशा न्यूज के संपादक इकरामुल हक ने कहा है कि उन्हें वेबसाइट ब्लॉक किए जाने की जानकारी है, लेकिन इसका कारण नहीं बताया गया है. पिछले महीने ढाका में आतंकी हमले के दौरान भी सरकार ने टीवी पर लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी थी.

तालिबानी इलाके में पाक हेलिकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग, सवार बंधक

पाकिस्तान के एक हेलिकॉप्टर की अफगानिस्तान में क्रैश लैंडिंग होने के बाद वहां एक बंधक संकट पैदा हो गया है. पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक एमआई-17 हेलीकॉप्टर मरम्मत के लिए उजबेकिस्तान के रास्ते रूस जा रहा था. लेकिन, गुरूवार की रात तकनीकी खामी आने की वजह से उसे पूर्वी अफगानिस्तान के लोगर प्रांत में उतारना पड़ा. पाकिस्तान सीमा से लगे इस इलाके पर तालिबान का कब्जा है और बताया जा रहा है कि उन्होंने हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्रियों को बंधक बना लिया है. एक तालिबानी कमांडर के हवाले से डॉन ने कहा है कि यात्रियों की रिहाई के लिए बातचीत चल रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए औपचारिक और अनौपचारिक दोनों विकल्पों को इस्तेमाल करने की बात कही है.

लोगर के अजरा जिले के गवर्नर हमीदुल्ला हामिद ने कहा है कि जहां हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई है वहां पर अफगानिस्तान सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. इससे पहले इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डायरेक्टर जनरल असीम बाजवा ने कहा था कि इस हेलिकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे. इनमें सेना के रिटायर्ड अधिकारी और एक रूसी नेविगेटर शामिल हैं.