आनंदीबेन पटेल के इस्तीफ़े के बाद गुजरात भाजपा के अध्यक्ष विजय रुपानी को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुना गया है. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल को राज्य का उपमुख्यमंत्री चुना गया. शुक्रवार को गांधीनगर में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने भी हिस्सा लिया था.

समाचार वेबसाइट इंडिया टुडे के मुताबिक बैठक में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर अमित शाह और आनंदीबेन के बीच काफी देर तकरार हुई थी. बताया जाता है कि आनंदीबेन हर हाल में नितिन पटेल को मुख्यमंत्री देखना चाहती थीं जबकि अमित शाह अपने करीबी विजय रुपानी के नाम पर अड़े हुए थे.

इंडिया टुडे के अनुसार बैठक में आनंदीबेन से कहा गया कि नितिन पटेल के पाटीदारों से अच्छे संबंध नहीं हैं, ऐसे में उनके सीएम बनने पर राज्य में पार्टी पर अगला चुनाव हारने का खतरा बना रहेगा. इसके बाद भी जब पूर्व मुख्यमंत्री तैयार नहीं हुईं तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन करके समझाया. इसके बाद दोनों पक्षों में विजय रुपानी को मुख्यमंत्री और नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति बनी.

इस पूरे घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू यह है कि शुक्रवार सुबह से ही मीडिया में नितिन पटेल के अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की खबरें आने लगी थीं. यहां तक कि घोषणा से पहले नितिन पटेल ने बधाई लेना भी शुरू कर दिया था लेकिन, इसके कुछ ही घंटे बाद विजय रुपानी के नाम की घोषणा ने सभी को चौंका दिया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया पर बनी डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर लगे बैन को हटाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर लगे बैन को हटाने से इनकार कर दिया है. कानून की पढाई कर रहे तीन छात्रों द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण का मुद्दा निचली अदालत में लंबित है जो इससे निपटने के लिए सक्षम है, साथ ही अभी इसकी जांच भी जारी है. अदालत का कहना था कि ऐसी स्थिति में वह संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के तहत इस मामले में कोई दखल नहीं देगी.

16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में हुई गैंगरेप की घटना पर बीबीसी की ब्रिटिश फिल्मकार लेस्ली उडविन ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी जिसका प्रसारण 8 मार्च, 2015 को होना था. इस डॉक्यूमेंट्री में निर्भया के बलात्कार के दोषी मुकेश सिंह का इंटरव्यू था जिसमें उसने रेप के लिए निर्भया को ही जिम्मेदार ठहराया था.

इस डॉक्यूमेंट्री से जुड़ा विवाद बढ़ने पर पहले केंद्र सरकार और फिर 3 मार्च, 2015 को दिल्ली की एक अदालत ने इसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी.

महाराष्ट्र में विधायकों के वेतन में 166 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के वेतन में बढ़ोत्तरी संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. खबरों के अनुसार मॉनसून सत्र के आखिरी दिन सरकार ने सचिवों और विधायकों के वेतन में समानता लाने की बात कहते हुए इस प्रस्ताव को पेश किया था जिसे सभी दलों ने एकराय से मंजूर कर लिया. खबरों के मुताबिक इस बढ़ोत्तरी के पहले महाराष्ट्र में साधारण विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक का वेतन राज्य के मुख्य सचिव के वेतन के आधे से भी कम था.

सदन में यह प्रस्ताव पास होने के बाद अब विधायकों का वेतन 166 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 70 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा. इस प्रस्ताव में ये भी कहा गया है कि अब विधानसभा के सदस्यों के वेतन में पद के अनुसार फर्क होगा. अब मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को प्रतिमाह दो लाख रुपये मिलेंगे, जबकि राज्य मंत्रियों को एक लाख 80 हजार वेतन मिलेगा. महाराष्ट्र में इससे पहले तक सभी सदस्यों को हर महीने न्यूनतम 75 हजार रुपये मिलते थे.