पाकिस्तान के कराची में गुरुवार रात एक हिंदू डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक डॉ. प्रीतम लखवानी को पाक कालोनी में बारा बोर्ड के नजदीक उनके क्लीनिक के बाहर गोली मार दी गई. हमले के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. इलाके के थानाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद हुसैन ने बताया, ‘किसी ने भी हमलावर को नहीं देखा है. हम यह भी नहीं जानते कि हत्या में कितने लोग शामिल थे.’ बताया जा रहा है कि हत्या के वक्त इलाके में बिजली नहीं थी.

मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट माइनॉरिटी के नेता और नेशनल असेंबली के सदस्य संजय पेरवानी ने इसे ‘धर्म प्रेरित हत्या’ बताया है. उन्होंने कहा कि हत्यारों ने कोई चोरी या लूटपाट नहीं की जिससे इस हत्या की कोई दूसरी वजह होना मुश्किल है. डॉ. लखवानी के परिजनों ने भी किसी निजी रंजिश की बात से इनकार किया है.

सीरियाई शहर मानबिज पर अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का कब्जा

सीरिया के मानबिज शहर को इस्लामिक स्टेट (आईएस) के कब्जे से मुक्त कराने की अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की कोशिश सफल रही है. सीरीयन ऑब्जर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि शहर अब पूरी तरह से गठबंधन सेना के नियंत्रण में है. ऑब्जर्वेट्री के कार्यकर्ताओं ने शहर के अंदरूनी हिस्सों में आईएस लड़ाकों के छिपे होेने की बात कही है. यहां पर दो साल से ज्यादा समय से आईएस का कब्जा था.

सीरिया डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने दो महीने पहले मानबिज पर कब्जा करने का अभियान शुरू किया था. एसडीएफ वास्तव में अरब लड़ाकों और कुर्दी वाईपीजी मिलीशिया का गठबंधन है जिसकी अमेरिका मदद कर रहा है. एसडीएफ समर्थित मानबिज मिलिट्री काउंसिल के प्रवक्ता शरफान दरविश ने बताया है कि अभी भी मुठभेड़ चल रही है लेकिन, शहर के 90 फीसदी हिस्से से आईएस का सफाया किया जा चुका है. इसके अलावा आईएस के सबसे मजबूत गढ़ रक्का को तुर्की सीमा और अन्य जगहों से जोड़ने वाले मानबिज लिंक पर भी कब्जा कर लिया गया है.

पूर्वी चीन सागर में एक द्वीप को लेकर चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ा

दक्षिणी चीन सागर के बाद अब पूर्वी चीन सागर में एक द्वीप को लेकर विवाद उभर रहा है. पूर्वी चीन सागर के विवादित द्वीप सेनकेकू के नजदीक चीनी कोस्ट गार्ड के जहाजों और मछली पकड़ने वाली 230 नौकाओं की मौजूदगी को लेकर जापान ने शनिवार को भी ऐतराज जताया है. जापान इस द्वीप को अपने अधिकार क्षेत्र में बताता है.

जापानी कोस्ट गार्ड के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि शनिवार को भी हथियारों के साथ चीनी कोस्टगार्ड के तीन जहाज विवादित द्वीप के नजदीकी जलक्षेत्र देखे गए हैं. शुक्रवार को भी जापान के चीन के सामने इस इलाके में चीनी कोस्टगार्ड की गतिविधियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीनी कोस्ट गार्ड के जहाज और मछली पकड़ने वाली नौकाएं उस द्वीप के आसपास के जल क्षेत्र में देखी गई हैं, जिसे जापान अपना क्षेत्रीय जलराशि मानता है.

पूर्वी चीन सागर में जापानी नियंत्रण वाले द्वीप सेनकेकू को चीन निर्जन द्वीप बताता है और उसके नजदीक कोस्टगार्ड के जहाजों को भेजता रहता है. चीन में इस द्वीप को दियायु कहा जाता है. पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने दक्षिणी चीन सागर के विवादित द्वीपों से चीन के अधिकार को खारिज कर दिया था. चीन ने अदालत का फैसला न मानने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद इस इलाके में तनाव की स्थिति है. ऐसे में पूर्वी चीन सागर का विवाद इस इलाके में तनाव को बढ़ाने वाला माना जा रहा है.