लंदन की एक रिस्क एनालिसिस फर्म ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' सहित अन्य योजनाओं को बड़ा झटका दिया है. व्यापारिक दृष्टि से जोखिम भरे देशों की सूची जारी करने वाली 'वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट' नामक संस्था ने अपनी इस साल की 'सिविल अनरेस्ट इंडेक्स' सूची जारी की है. इसमें उसने भारत को एक अशांत देश बताते हुए व्यापार करने के लिए दुनिया का चौथा सबसे जोखिम भरा देश माना है. वेरिस्क की ओर से कहा गया है कि उसने 200 देशों की इस सूची को इन देशों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों और जातीय या धार्मिक हिंसा के आधार पर तैयार किया है.

चौंकाने वाली बात यह है इस सूची में भारत को केवल आतंक से पीड़ित देश सीरिया, यमन और लीबिया से ही बेहतर बताया गया है. साथ ही इसमें बांग्लादेश को छठा और आतंकी संगठन बोको हरम के खतरे का सामना कर रहे नाइजीरिया को दसवां स्थान देते हुए व्यापार के लिए भारत से बेहतर बताया गया है. सूची में अफगानिस्तान को भी भारत से बेहतर स्थान मिला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह सूची एक बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि यह ऐसे समय में जारी हुई है जब मोदी दुनियाभर की कंपनियों को भारत आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. जानकारों का मानना है कि कश्मीर में लगातार बनी अशांति और असहिष्णुता के मुद्दे के कारण भारत को इस सूची में चौथा स्थान दिया गया है.

मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले दयाशंकर सिंह को जमानत मिली

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को अपशब्द कहने वाले पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह को शनिवार को जमानत मिल गई है. उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दयाशंकर को 50-50 हजार रुपए के दो मुचलके पर जमानत दी है. उधर, बसपा ने अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि जमानत का आदेश विधि सम्मत नहीं है इसलिए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

बीती 19 जुलाई को मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए दयाशंकर ने उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी. इसके बाद बसपा की ओर से उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करायी गई थी. बीती 29 जुलाई को यूपी पुलिस ने उन्हें बिहार के बक्सर जिले से गिरफ्तार किया था. इस मामले को लेकर दयाशंकर सिंह को भाजपा ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

सरकार इस साल सस्ती दवाएं मुहैया कराने वाले 300 अमृत और 3,000 जन औषधि केंद्र खोलेगी

केंद्र सरकार इस साल देशभर में कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने वाले 300 अमृत और 3000 जन औषधि स्टोर खोलेगी. शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यह जानकारी चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान दी है.

चंडीगढ़ पीजीआई में दो अमृत स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे नड्डा ने कहा, 'हमारी योजना इस साल देश में 300 अमृत और 3000 जन औषधि स्टोर खोलने की है और इसके लिए हमने राज्य सरकारों से जगह मुहैया कराने का अनुरोध किया है.' उन्होंने दावा किया कि देशभर में खुल चुके नौ अमृत स्टोरों पर अब तक 23 करोड़ रुपये की दवाओं की बिक्री हुई है और इससे मरीजों को 16 करोड़ रुपये की बचत हुई है. नड्डा के अनुसार सरकार की देश के प्रत्येक जिले में रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने वाले छह से सात जन औषधि स्टोर खोलने की योजना है.

इस साल अप्रैल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहला अमृत स्टोर दिल्ली के एम्स में खोला गया था. अमृत स्टोर में ब्रांडेड दवाओं पर आठ से 90 प्रतिशत तक की छूट मिलती है.