आए दिन महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधने वाले अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद से इन मुद्दों पर चर्चा के लिए कभी कोई बैठक नहीं बुलाई है. यह खुलासा भाजपा नेता हरीश खुराना की ओर से दाखिल की गई आरटीआई के जरिए हुआ है.

सोमवार को हरीश खुराना ने मीडिया को बताया कि पिछले दिनों उन्होंने आरटीआई के जरिए 14 फरवरी 2015 से लेकर 9 जून 2016 तक कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठकों की जानकारी मांगी थी. उनके अनुसार उन्हें मुख्‍यमंत्री कार्यालय, दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर और उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से आरटीआई का जवाब मिला है.

खुराना का कहना है कि मुख्‍यमंत्री कार्यालय की ओर से मिले जवाब में कहा गया है कि इन बैठकों की कोई जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है. जबकि, दिल्ली पुलिस की ओर से आए जवाब में कहा गया है कि 14 फरवरी 2015 से लेकर 7 जून 2016 तक कभी भी दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को महिला सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा के लिए नहीं बुलाया.

वहीं, चौंकाने वाली बात यह है कि उपराज्यपाल कार्यालय ने आरटीआई कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए हरीश खुराना को जवाब देने से इनकार कर दिया है. हालांकि, उसने उनकी अर्जी को संबंधित विभागों को भेजे जाने की बात भी कही है.

जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में भी निर्विरोध पास हुआ

राज्यसभा के बाद जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में भी निर्विरोध पास हो गया है. सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया. चर्चा के बाद शाम को इस पर वोटिंग हुई जिसमें बिल के समर्थन में 443 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा. इस बिल का विरोध कर रहे एआईएडीएमके सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और सदन से वाकआउट कर गए.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी पर चर्चा के दौरान कहा कि इस बिल का मतलब 'ग्रेट स्टेप्स बाय टीम इंडिया' है और इससे देश में टैक्स का आतंक खत्म हो जाएगा. उनके मुताबिक यह बिल साबित करेगा कि उपभोक्ता ही राजा है. प्रधानमंत्री का कहना था कि यह बिल देश के गरीबों को गरीबी से लड़ने में मदद करेगा, क्योंकि बिल में गरीबों के काम आने वाली चीजों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है. सदन में बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री ने सभी दलों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है.

पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा में शामिल हुए

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा में शामिल हो गए हैं. उन्होंने सोमवार को लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी को गले लगाकर उनका पार्टी में स्वागत किया. इसके बाद मौर्य ने मीडिया से कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रभावित हैं और इसीलिए उन्होंने भाजपा में जाने का निर्णय लिया है.

बसपा के महासचिव और मायावती के करीबी रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीते 22 जून को मायावती पर टिकट बेचने और दलितों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बसपा से इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि, उनके आरोपों पर मायावती का कहना था कि मौर्य अपने बेटे और बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे जिसके लिए उन्हें पार्टी ने मना कर दिया था और इसी वजह से उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दिया है.