‘मुफ्त में रेवड़ियां बांटने से देश आगे नहीं बढ़ सकता.’

— वेंकैया नायडू, सूचना और प्रसारण मंत्री

नायडू ने यह बात बेंगलुरू में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के छात्रों को संबोधित करने के दौरान कही. नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को बचाने के साथ-साथ भारत के आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ‘अभी तक हम समाजवाद के सोवियत मॉडल का इस्तेमाल कर रहे थे, जो भारतीय परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में विफल साबित हुआ है. अब हम अपना नजरिया बदल रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में व्यवसाय और उद्योग अहम भूमिका निभाते हैं, इन्हें छूट देने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि इससे गुणवत्ता और रोजगार में बढ़ोतरी होती है.

‘प्रधानमंत्री साबित करें कि 80 फीसदी गौरक्षक असामाजिक काम करते हैं.’

— प्रवीण तोगड़िया, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष

तोगड़िया का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर आया. पिछले हफ्ते नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘अगर राज्य सरकारें गौरक्षकों का 'डोजियर' तैयार करवाएं तो पता चलेगा कि 70-80 फीसदी गौरक्षक रात में समाज विरोधी काम करते हैं और दिन में गौरक्षा का चोला ओढ़ लेते हैं.’ उनके इस बयान को तोगड़िया ने गौमाता व गौरक्षकों का अपमान बताया. तोगड़िया ने कहा, ‘आतंकियों, सीरियल रेपिस्ट के विशेष डोजियर तैयार होते हैं. यहां हिंदू गौरक्षकों का डोजियर तैयार कराया रहा है, न कि गौहत्या करने वालों का.’ उन्होंने केंद्र सरकार से गौरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून बनाने और चौबीसों घंटे काम करने वाली ‘गौरक्षक हेल्पलाइन’ शुरू करने की मांग की है.


‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में तिरंगा फहराने के बाद ही तिरंगा यात्रा पूरी होगी.’

— जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री

जितेंद्र सिंह ने यह बात शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले कठुआ से तिरंगा यात्रा शुरू करने के बाद कही. उन्होंने कहा, ‘गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) के भाइयों के साथ हमारी सहानुभूति है. वे हमारे ही प्रदेश का हिस्सा हैं. उनके साथ खड़े होना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है.’ सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें पीओके को आजाद कराने और भारतीय गणराज्य में मिलाने का संकल्प लेना चाहिए. शुक्रवार को कश्मीर के मौजूदा संकट पर हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने पीओके को भारत का हिस्सा बताया था और बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन की सच्चाई दुनिया के सामने लाने की बात कही थी.


‘अमेरिका से फतुल्लाह गुलेन के प्रत्यर्पण को लेकर तुर्की कोई समझौता नहीं करेगा.’

— बिनाली यिल्दिरिम, तुर्की के प्रधानमंत्री

बिनाली यिल्दिरिम की यह टिप्पणी 24 अगस्त को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जॉन विडेन के तुर्की दौरे की घोषणा करने के बाद आयी. तुर्की ने अमेरिका में रहने वाले इस्लामिक धर्मगुरू गुलेन पर सैन्य तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया है और अमेरिका से उन्हें तुर्की को सौंपने की मांग रखी है. तुर्की में पिछले महीने हुई सैन्य तख्तापलट की कोशिश असफल हो गई थी जिसमें 240 लोग मारे गए थे. शुक्रवार को तुर्की ने कहा था कि अमेरिका ने गुलेन के प्रत्यर्पण पर सकारात्मक संकेत दिया है. पिछले हफ्ते तुर्की ने गुलेन की गिरफ्तारी के लिए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. अपने आरोपों को साबित करने के लिए तुर्की ने अमेरिका को दस्तावेज भी मुहैया कराए हैं.