प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित किया. लालकिले की प्राचीर से उन्होंने महात्मा गांधी और सरदार पटेल सहित देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को याद किया. रामानुजाचार्य, महात्मा गांधी और डॉ बीआर अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को जाति जैसे विभाजनों से ऊपर उठने की जरूरत है. प्रधाननंत्री ने कहा कि विभाजित समाज बहुत लंबे समय तक खड़ा नहीं रह सकता है और सरकार ऐसी बुराइयों से सख्ती से निपटेगी.

रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म की बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति के साथ नियति में बदलाव को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि सुराज का मतलब लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है. उन्होंने इस दिशा में अपनी सरकार के प्रयासों की जानकारी दी. आईआरसीटीसी की ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग सेवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले एक मिनट में केवल 2,000 टिकट बुक होते थे, आज एक मिनट में 15,000 टिकट बुकिंग हो सकती है. इनकम टैक्स के क्षेत्र में सुधारों को लेकर उन्होंने कहा कि लोग इस विभाग से पुलिस से ज्यादा डरते थे, पहले रिफंड में कई महीने लग जाते थे, अब दो हफ्तों में ऑनलाइन भुगतान हो जाता है. पासपोर्ट सेवा सुधार का जिक्र करते प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कुछ हफ्ते में पासपोर्ट जारी हो रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सड़क निर्माण, सोलर एनर्जी, गैस कनेक्शन वितरण, आधार कार्ड, जनधन योजना, शौचालय निर्माण और एलईडी बल्ब वितरण जैसे कार्यक्रमों की सफलता के आंकड़े गिनाए. उन्होंने कहा कि भाजपानीत केंद्र सरकार ने 60 सप्ताह में चार करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि पिछले 60 साल में 14 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए थे. महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘मैं गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा.’ सरकार की आर्थिक उपलब्धियों को लेकर उन्होंने कहा कि बीते समय में भारतीय अर्थव्यवस्था ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ा है और जैसा रिपोर्ट बता रही हैं कि भारत अगले दो साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.

लगभग 90 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा संकट को शामिल नहीं किया. हालांकि, बीते माह सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में मारे गए हिजुबुल कमांडर बुरहान वानी को शहीद बताने के लिए उन्होंने पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा. प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देश आतंकवाद का महिमामंडन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत कभी भी आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा.